
सूबे में शराबबंदी के बाद शराब तस्करी की घटनाएं रोजाना सामने आ रही है। हर दिन कहीं न कहीं कोई न कोई शराब तस्कर पकड़ा जा रहा है। लेकिन अब शराब तस्कर और पुलिसवाले की मिलीभगत सामने आई है । मामला शेखपुरा जिले के अरियरी थाना का है । जहां शराब तस्करी में साथ देने वाले पुलिसवाले को गांव वालों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी पुलिसवाले का नाम डॉ. जबालउद्दीन है और अरियरी थाना में जमादार पद पर तैनात है । मामला सामने आने पर शेखपुरा के नए पुलिस कप्तान दयाशंकर ने जांच के आदेश दे दिए हैं । जांच का जिम्मा एसडीपीओ को सौंपा गया है । एसपी दयाशंकर ने कहा कि मामले की जांच रिपोर्ट के बाद ही आरोपी जमादार जबालउद्दीन पर कार्रवाई की जाएगी । उधर, पुलिस ने शराब तस्कर राजा कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी बाइक भी जब्त कर लिया है। दरअसल, धनौल चौक पर दो बाइक के बीच टक्कर हुई । जिसमें सनैया गांव का रहने वाला रामप्रवेश कुमार बुरी तरह जख्मी हो गया। जबकि दूसरी बाइक पर सवार का नाम राजा कुमार है औव मुरारपुर का रहनेवाला है। हादसे के बाद लोगों ने राजा कुमार को पकड़ लिया। इस दौरान अरियरी थाना के जमादार जबालउद्दीन पीछे से बाइक आया और लोगों पर रौब दिखाकर राजा को छोड़ने को कहा । लेकिन गांव वाले मुआवजे की मांग करने लगे । मामला बढ़ता देख आरोपी जमादार ने राजा के बाइक की डिक्की खोली और उससे चुलाई शराब निकालकर बहाने लगा। इसी देखते ही गांव वालों का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया और और जमादार को भी दबोच लिया। इस बीच इसकी खबर शेखपुरा थाना को दिया गया जिसकी बाद वहां की पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया । पुलिस ने शराब तस्कर राजा कुमार को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन राजा कुमार को सुरक्षा बैकअप दे रहा जमादार बच निकला। नालंदा लाइव (NALANDA LIVE) समेत मीडियाकर्मियों ने जब ये मामला जिले के नए पुलिस कप्तान के सामने उठाया तो उन्होंने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए । अब सवाल ये उठता है कि पुलिस महकमा अपने मातहत कर्मचारी का बचाव करता है या कार्रवाई करेगा ? इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश क्यों नहीं दिए गए ?