
कहा जाता है कि टैलेंट किसी का मोहताज नहीं रहता है। जिसके पास टैलेंट और जुनून होता है वो एक दिन सफल हो जाता है। उसके लिए ये मायने नहीं रखता है कि उसका काम छोटा है या बड़ा । यानि सोच बड़ी रखिए एक दिन खुद ब खुद सफल जाएंगे। ऐसा ही जूतों के डॉक्टर नरसीराम के साथ हुआ है । जब जूतों के डॉक्टर पर देश के बड़े उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का दिल आ गया। वो जूतों के डॉक्टर नरसीराम से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने आईआईएम छात्रों को इनसे मार्केटिंग का फंडा सीखने की जरुरत बताया। दरअसल, हरियाणा के जींद में पटियाला चौक पर एक शख्स जूते ठीक करने का काम करता है। लेकिन वो अपने आपको डॉक्टर से कम नहीं समझता। वो अपने फुटपाथी दुकान को ‘जख्मी जूता का अस्पताल’ बताते हैं। इस शख्स का नाम है नरसीराम। इसने बोर्ड पर खुद को डॉ. नरसीराम लिखा है। उसने इस फ्लैक्स को ऐसा तैयार किया है जैसे वह किसी ‘अस्पताल’ का हो। उसमें ओपीडी के टाइमिंग्स भी बताए हैं और यहां तक की ‘जख्मी’ जूतों के ईलाज के लिए यूज होने वाली जर्मन तकनीक के बारे में भी कहा है। इस बैनर में बताया गया है कि यह ‘अस्पताल’ दोपहर 2 से 6 बजे तक खुला होगा। इस शानदार विज्ञापन से आनंद महिंद्रा बहुत प्रभावित हुए कि उन्होंने इस मोची की तस्वीर यह कहकर शेयर की कि उसे आईआईएम में मार्केटिंग सिखाना चाहिए।

नरसीराम के मदद के लिए आगे आए महिंद्रा
नरसीराम की तस्वीर वॉट्सऐप के जरिये मिलने पर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा हैरान रह गए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी एक टीम यह खोजने में लगाई कि आखिर नरसीराम का पता-ठिकाना कहा हैं। जल्द ही नरसीराम का ठिकाना मिल गया। लेकिन महिंद्रा ग्रुप की टीम ने नरसी को फूल और मोमेंटो भिजवाया है। उन्हें महिंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर पर बैठा कर सारे शहर में भी घुमाया गया।
आनंद महिंद्रा ने बताया, ‘हमारी टीम हरियाणा में जाकर नरसीराम से मिली और पूछा कि उनको क्या मदद चाहिए। वो बेहद साधारण और सभ्य इंसान हैं। पैसे मांगने की बजाए, उन्होंने कहा कि वह काम करने के लिए अच्छी जगह चाहते हैं। उनकी इस बात ने भी मुझे बहुत प्रभावित किया। मैंने मुंबई की हमारी डिजाइन स्टूडियो टीम से कहा कि नरसीराम के लिए एक छोटी-सी दुकान बनाएं। हमारी डिजाइनिंग टीम ने उनसे संपर्क किया और उनके जरूरतों को ध्यान में रखकर काम किया।
सोशल मीडिया ने नरसीराम बनाया कामयाब
सोशल मीडिया इन दिनों प्रतिभाशाली लोगों को एक मंच प्रदान कर रहा है। चंद मिनट में किसी शख्स का टैलेंट करोड़ों लोगों तक पहुंच जाता है। नरसीराम के साथ भी ऐसा ही हुआ, जिनकी एक फोटों ने उन्हें इतना मशहूर कर दिया कि महिंद्रा ग्रुप के चैयरमैन आनंद महिंद्रा भी उनके मुरीद हो गए।