मुस्लिम भाइयों का पाक महीना रमजान आज से शुरू हो गया है. आज से अगले एक महीने तक मुस्लिम भाई रोजा रखेंगे। रोजा से पहले अलग-अलग मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज रखी गई. रमजान को लेकर दो-तीन दिन पहले से ही लोग खरीदारी में जुटे रहे। खजुर, चना, बादाम सहित अन्य सामग्री की खरीददारी की। सेवई, दातून, इत्र, टोपी की भी लोगों ने खरीदारी की। पाक रमजान माह को लेकर मस्जिदों में विशेष तैयारियां की गयी है। रमजान को लेकर बड़े-बुजुर्ग ही नहीं छोटे बच्चों में भी काफी उत्साह है। गर्मी के बावजूद रोजादार पिछले सालों की तरह रोजा रखकर खुदा की इबादत करने के लिए तैयार हैं।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रमजान के पवित्र महीने के शुभारंभ पर लोगों को बधाई दी है….पीएम ने ट्वीट किया है कि रमजान के पवित्र महीने के शुरू होने पर बधाई। यह पावन महीना हमारे समाज में सौहार्द्र, खुशहाली और भाईचारा बढाए.
Greetings on the start of the holy month of Ramzan. May this auspicious month further the spirit of harmony, happiness and brotherhood in our society.
— Chowkidar Narendra Modi (@narendramodi) May 6, 2019
क्या है तरावीह
सिंगारहाट मस्जिद के इमाम हाफिज सैयद मो. महताब आलम मखदुमी ने बताया कि तरावीह सुन्नते मुअकदा है। रमजान का चांद दिखायी देने से हर दिन ईशा की नमाज के बाद पढ़ी जाती है। उन्होंने बताया कि यह नमाज 20 रिकात रोजाना पढ़ी जाती है। एक कुरान का सुनना और सुनाना पाक है। उन्होंने कहा कि लोग तीन दिन से ज्यादा की तरावीह भी पढ़ सकते हैं। तीन दिन से कम नहीं होना चाहिए। हालांकि बेहतर होगा कि पूरे माह पढ़ा जाये।
संयम का महीना है पाक
मखदुमी साहब ने बताया कि यह महीना संयम का है। आंख, कान और जुबान तीनों को संयम में रखने का है। यानी न बुरा देखें न सुनें और न बोलें। उन्होंने बताया कि यह महीना हमदर्दी से पेश आने का है। यह वह अजीमा महीना है जिसमें अल्लाह ने इंसानियत की रहनुमाई और हिदायत के लिए कुरान ए पाक नाजिर फरमाया है। इस माह में दान और हमदर्दी का काफी फल मिलता है। रोज़ा रखना इस्लाम के पांच स्तंभ में से एक है. सभी सेहतमंद इंसान के लिए रमजान में रोजे रखना फर्ज माना जाता है.
बदली रहेगी दिनचर्या
पूरे 1 माह लोगों की दिनचर्या बदली रहेगी। अहले सुबह उठ सेहरी करने के बाद सारा दिन बिना अन्न जल के लोग रहेंगे। सेहरी का समय खत्म होते ही फजर की नमाज के बाद तिलावते कुरान करेंगे। अपना व्यवसाय व ऑफिस के काम के साथ दोपहर की नमाज पढ़ेंगे। शाम को असर की नमाज होगा। शाम को ही इफ्तार होगा।
अरब की खजूर सबसे महंगी
रमजान माह में इफ्तार में खजूर का होना महत्वपूर्ण है। बाजार में कई किस्म के खजूर उपलब्ध हैं। सबसे ज्यादा महंगा अरब का खजूर है। 500 से 2500 रुपये किलो बाजार में उपलब्ध है। इराक का खजूर 140 से 400 रुपये किलो तक बिक रहा है। जबकि कोलकाता का खजूर 100 रुपये किलो उपलब्ध है।
किस दिन कितने बजे करें सेहरी और इफ्तार
दिन सेहरी इफ्तार
1. 3.45 6.21
2. 3.45 6.21
3. 3.44 6.22
4. 3.44 6. 22
5. 3.42 6.23
6. 3.42 6.24
7. 3.41 6.24
8. 3.41 6.24
9. 3.40 6.25
10. 3.40 6.25
11. 3.38 6.26
12. 3.38 6.26
13. 3.37 6.27
14. 3.37 6.27
15 3.35 6.28
16. 3.35 6.28
17. 3.34 6.29
18. 3.34 6.29
19 3.33 6.30
20 3.33 6.30
21 3.32 6.31
22 3.32 6.31
23 3.31 6.32
24. 3.31 6.32
25. 3.31 6.33
26. 3.30 6.33
27. 3.30 6.33
28. 3.30 6.34
29. 3.30 6.34
30. 3.29 6.35
कहा जाता है कि रमजान के पाक महीने में सभी मुसलमानों को अल्लाह की इबादत करनी चाहिए, क्योंकि यह महीना सब्र का होता है. इसके अलावा ये भी माना जाता है कि रमजान के महीने में रोजा रख और अल्लाह की इबादत कर इंसान अपने आप को अल्लाह के करीब पाता है. इस पाक महीने में ऐसा करने पर इंसान अल्लाह से अपने किए गुनाहों के लिए तौबा मांग सकता है. वहीं, इस बार भी रमजान गर्मी के दिनों में है. ऐसे में दिन में गर्मी अधिक होने के साथ रोजे में दिन भी लंबे होंगे.