
बिहारशरीफ के सदर अस्पताल में कोरोना के मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में बड़ी लापरवाही सामने आई है. ये लापरवाही नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. राम सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई.
ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिसवाले गायब
सिविल सर्जन डॉ राम सिंह ने बिहारशरीफ सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आइसोलेशन वार्ड के बाहर ड्यूटी पर तैनात चार में से तीन पुलिसवाले गायब मिले. पुलिसकर्मी तो पुलिसकर्मी खुद मजिस्ट्रेट साहब भी नदारद थे. दरअसल, आइसोलेशन वार्ड के बाहर पुलिस और मजिस्ट्रेट की इसलिए तैनाती की गई थी. कि कोई मरीज या संदिग्ध अस्पताल से भागकर आम लोगों के बीच न चला जाए. जिससे कोरोना के फैलने का संकट गहरा जाय.
सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी
सदर अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी हो रही है. सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के दौरान मरीज एक दूसरे के साथ बैठे दिखे. साथ ही मरीजों के बेड भी पास-पास में लगे थे. जिसके बाद सिविल सर्जन ने अस्पताल कर्मियों को डांट लगाई और इसे एक मीटर की दूरी पर करने को कहा. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग की बात कही है. क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही कोरोना वायरस को बढ़ने से रोका जा सकता है.
क्वरांटइन सेंटर बनाने के आदेश
सिविल सर्जन डॉ. राम सिंह ने नशा मुक्ति केंद्र को क्वरांटाइन सेंटर बनाने का आदेश दिया है ताकि कोरोना के संदिग्ध मरीजों को यहां रखा जाएगा. लेकिन जो कोरोना के पॉजिटिव मरीज होंगे आइसोलेशन वार्ड में आइसोलेट किया जाएगा।