
शराबबंदी के बावजूद नालंदा जिला में शराब का अवैध कारोबार जारी है। शराब तस्कर कहां कहां शराब छुपाकर रख सकते हैं इसका अंदाजा आम लोग तो छोड़िए पुलिस को भी लगाना मुश्किल हो गया है। ताजा वाक्या नालंदा जिला के थरथरी थाना के नटाइचक गांव की है। जहां खेत में जमीन के अंदर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छुपाकर रखी गई थी।दरअसल, थरथरी के थानाध्यक्ष कमलेश सिंह को उनके फोन पर किसी ने सूचना दी कि नटाइचक गांव में भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप उतारी गई है। सूचना मिलते के साथ ही कमलेश सिंह दलबल के साथ थरथरी के नटाइचक गांव जा पहुंचे। फोन करने वालों ने पुलिस को बता दिया था कि शराब की ये खेप किस जगह छुपाई गई है। इसलिए पुलिस पूरी तैयारी के साथ नटाइचक गांव पहुंची थी। पुलिस को देखते ही शराब तस्कर तो फरार हो गया। शराब तस्कर को अंदाजा लग गया था कि पुलिस उसी शराब की खेप के सिलसिले में गांव आई है। पुलिस ने नटाइचक गांव के पश्चिम में खेत की खुदाई कराया तो जमीन के अंदर शराब का जखीरा दिखा। तस्कर ने शराब को पॉलिथीन से छिपाकर जमीन के अंदर गाड़ा था। पुलिस ने रॉयल स्टैग ग्रीन 750 एमएल का 50 बोतल, रॉयल स्टैग 750 एमएल का 95 बोतल और 375 एमएल का 18 बोतल शराब बरामद किया। थरथरी के थानाध्यक्ष कमलेश सिंह का कहना है कि फरार शराब कारोबारी की पहचान कर ली गई है और अभियुक्त को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है । पुलिस भले ही शराब की बरामदगी पर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन नालंदा लाइव का सवाल है कि शराबबंदी के बावजूद कैसे दूसरे राज्य से शराब थरथरी के नटाइचक गांव तक पहुंचा? यानि कहीं कोई चेकिंग नहीं हुई ? अगर किसी ने पुलिस को इसकी सूचना न दी होती तो फिर ये शराब तो यहीं बिकता ?