
ये खबर उन लोगों को बहुत बड़ी राहत देगी जो ऑटो, टैक्सी, ई रिक्शा या टू व्लीलर्स चलाने के लिए कर्मशियल लाइसेंस बनवाने की सोच रहे थे । सड़क परिवहन मंत्रालय ने ऐसी गाड़ी चलाने वालों को लाइसेंस के मामले में बड़ी राहत दी है. अब टैक्सी, ऑटो रिक्शा, ई रिक्शा और दो पहिया चालकों को कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. बड़ी राहत ये है कि कमर्शियल वाहनों के लिए भी कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में एडवाइजरी कर दी है.
सरकार के इस फैसले से लाखों टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और दूसरे ड्राइवरों को राहत मिलेगी. ऐसे ड्राइवरों को अब कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी । जिन वाहनों के लिए ये छूट दी गई है, उनमें बिना गियर वाली मोटरसाइकिल, गियर वाली मोटरसाइकिल, लाइट वेट कार, ई-रिक्शा ऑटो-रिक्शा शामिल हैं. दरअसल, साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद केंद्र सरकार ने ये एडवाइजरी जारी की है ॉ।जिसमें ये कहा गया था कि गाड़ी का बीमा वाहन श्रेणी से संबंधित होता है, इसका लाइसेंस से कोई संबंध नहीं है । सरकार के इस फैसले से अब लोगों को दलाल से छूटकारा मिल जाएगा । साथ ही कर्मिशयल लाइसेंस बनाने के लिए दिए जाने वाली भारी भरकम टैक्स से भी छुटटी मिल जाएगी । खास बात ये है कि अब कोई जिसके पार साधारण लाइसेंस है वो भी अब ओला, उबर जैसी एजेंसियों में गाड़ी चलाकर मोटी रकम कमा सकता है । सरकार के इस फैसले से जहां एक ओर लोग खुश हैं वहीं जिला परिवहन कार्यायल में लाइसेंस बनवाने वाले दलाल निराश हैं उनका कहना है कि लाइसेंस पास कराने के लिए अब लोग उनके पास नहीं आएंगे । उनका ये भी कहना है कि स्मार्ट कार्ड होने की वजह से पहले ही उनका धंधा चौपट हो गया था अब सरकार के नए आदेश से उन्हें कोई दूसरा रोजगार ढूंढना होगा ।