
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समर्थकों के साथ आज नवादा जेल पहुंचे। जहां उन्होंने हिंसा भड़काने के आरोप में बंद बजरंग दल के नेता जितेंद्र प्रताप जीतू और वीएचपी नेता कैलाश विश्वकर्मा से मुलाकात की। साथ ही उन्हें भरोसा दिया कि वो उनके साथ हैं। गिरिराज सिंह ने जीतू और कैलाश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा की जो व्यक्ति सांप्रदायिकता दूर करने और पुलिस-प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए सहयोग करता है, उसे ही जेल भेज दिया जाता है।

गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इनलोगों ने अकबरपुर, रजौली का मननपुर हो, पकरीबरावां का धमौल हो या चाहे नवादा हो सभी जगह सामाजिक सद्भाव को बरकरार रख के लिए कदम उठाया था। ऐसे में उन लोगों पर शहर का माहौल खराब कर तनाव उत्पन्न करने के आरोप में गिरफ्तार करना उचित नहीं है। साथ ही कहा कि आंदोलन करना और सहयोग देना लोगों का संवैधानिक अधिकार है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह कहा कि एक तो पुलिस प्रशासन जबरन दुकानदारों से दुकान खुलवाती है और विरोध करने पर गिरफ्तार कर लेती है ये सरासर गलत है।
आपको बता दें कि साल 2017 में नवादा में हुए हिंसा के आरोप में नवादा के बजरंग दल के जिलाध्यक्ष जिंतेंद्र प्रताप जीतू और वीएचपी के जिलाध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा को पिछले महीन ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ऐसे में चुनाव से पहले गिरिराज सिंह ने सियासी रोटी सेंकने का काम किया है।