
एक प्रेमी को अपनी प्रेमिका के घर जाना महंगा पड़ गया। घरवालों ने चोर समझकर मार डाला और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। ताकि लगे कि युवक की मौत रेल हादसे में हुई है।मामला बिहार के सिवान जिले के एकमा थाना क्षेत्र की है।जहां हुस्सेपुर गांव में लोगों ने पीट पीटकर एक युवक की हत्या कर दी। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने आया था।
क्या है पूरा मामला
सिवान जिले के एमएच नगर थाना क्षेत्र में एक गांव है मंदरौली। वहां के रहने वाले 25 साल के अरुण यादव की अपने ही गांव की एक लड़की से प्रेम हो गया। दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ रहा था। जिसकी भनक लड़की के घरवालों को लगी। जिसके बाद लड़की के घरवालों ने अपनी बेटी को हुस्सेपुर गांव उसके मामा के पास भेज दिया।
प्रेमिका से मिलने हुस्सेपुर गांव जा पहुंचा
अरुण यादव अपनी प्रेमिका से मिलने उसके मामा के गांव हुस्सेपुर जा पहुंचा। उस दिन प्रेमिका के ननिहाल में सतइसा का कार्यक्रम था। घरवाले सतइसा में बिजी थे। इसी दौरान अरुण को देखकर घर की एक महिला ने चोर चोर का हल्ला मचाना शुरू कर दिया । जिसके बाद लोग वहां जमा हो गए और पीट-पीटकर उसे मार डाला।
हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका
लोगों की पिटाई की वजह से अरुण यादव ने दम तोड़ दिया। उसके बाद गांव वालों ने उसकी लाश को गाड़ी पर लादकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इस दौरान वहां गुजरती ट्रेन से उसके चिथड़े उड़ गए। अब लोग समझने लगे थे कि उन्होंने सबूत भी मिटा दिया है । लेकिन कहा जाता है कि हर गुनाह अपने पीछे एक सबूत छोड़ जाता है ।
घरवालों ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया
उधर, अरुण यादव के घरवालों ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। दो दिनों तक बेटा घर नहीं आया तो घरवालों का मन ठनका और वो हुस्सेपुर गांव में पता लगाया। तो कहानी सामने आई। जिसके बाद अरुण यादव के घरवालों ने अशोक यादव, उपेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव, अमित यादव, गणेश यादव, मंजू देवी और एकमा के हुस्सेपुर निवासी श्यामदेव यादव समेत सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
पांच आरोपी गिरफ्तार, कबूला अपना जुर्म
पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें अशोक यादव, सुरेंद्र यादव, उपेंद्र यादव, गणेश यादव और मंजू देवी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल लिया है । जिसके बाद ये साफ हो गया है कि हत्या प्रेम प्रसंग में हुई है और ये ऑनर किलिंग का मामला है ।