Home धर्म अध्यात्म नालंदा का मशहूर शीतलाष्टमी मेला शुरू… अनूठी है बसिऔरा की परंपरा

नालंदा का मशहूर शीतलाष्टमी मेला शुरू… अनूठी है बसिऔरा की परंपरा

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नालंदा जिला का मशहूर शीतला अष्टमी मेला शुरू हो गया है। बिहारशरीफ से सटे मघड़ा में माता शीतला के दरबार में तीन दिनों तक मेला चलेगा। सिद्धपीठ माता शीतला की चौखट पर लाखों श्रद्धालु शीश नवाएंगे। मां शीतला महारानी के जयकारे से पूरा इलाका गूंज उठेगा। खास बात ये है कि तीन दिनों तक मघड़ा के आसपास के गांव में चूल्हा नहीं जलेगा। लोग बसिऔरा मनाएंगे।

रात बारह बजे खुला माता का पट
माता रानी के मंदिर का रात 12 बजे खुला। जिसके बाद से ही पूजा अर्चना के लिए भक्तों का तांता लग गया। सबसे पहले मां का विशेष श्रृंगार किया गया। उसके बात माता की आरती उतारी गई। मान्यता है कि शीतलाष्टमी व्रत करने से श्रद्धालु को दाह ज्वर, पीत ज्वर, दुर्गंधयुक्त फोड़े, नेत्रों के समस्त रोग से मुक्ति मिल जाती है। व्रत की खास बात ये है कि शीतला देवी को भोग लगाने वाला प्रसाद एक दिन पहले ही बना लिया जाता है। वासी भोग लगाने की परंपरा है।

मिट्ठी कुआं के पानी से बनाया जाता है प्रसाद
मघड़ा गांव में काफी पुराना मिट्ठी कुआं है। इसी कुएं के पानी से सप्तमी की शाम में बसिऔरा के लिए प्रसाद तैयार किया जाता है। प्रसाद में अरवा चावल, चने की दाल, सब्जियां, पुआ, पकवान आदि बनाया जाता है। सबसे खास ये है कि लाल साग जरूर बनाया जाता है।

मघड़ा और आसपास गांवों में नहीं आज जलेंगे चूल्हे :-
प्राचीन काल से चैत्र कृष्ण पक्ष अष्टमी के दिन बसिऔरा मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस कारण गुरुवार को मघड़ा, वियावानी, जमालीचक, कथौली, पचौड़ी, राणा बिगहा, जोरारपुर समेत आसपास के गांवों में चूल्हे नहीं जलेंगे। इन गांवों के लोग बुधवार की शाम में ही खाना बनाकर रख लिया है। आज सुबह में माता के दरबार में पूजा-अर्चना और गौरिया बाबा को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में बसिऔरा (बासी भोजन) ग्रहण करेंगे। उन्होंने बताया कि गांव के वैसे लोग जो दूसरे जगहों पर रहते हैं वे भी इस परंपरा को बखूबी निर्वहण करते हैं।

एसपी ने माता शीतला के दर पर झुकाया शीश
नालंदा के एसपी निलेश कुमार भी माता के दरबार में पहुंचे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर जिलेवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही मेले के दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने पंडा कमेटी के सदस्यों व स्थानीय लोगों से मिलकर मेले के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को कई निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि माता के दरबार में आने वालों की मनोकामना पूरी होती है। लोगों की भीड़ को देखते हुये सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। उन्होंने माता के दर पर शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।

देशभर से आते हैं श्रद्धालु
माता की पूजा अर्चना के लिए नालंदा जिला ही नहीं देश के अलग अलग राज्यों से श्रद्धालु आते हैं। खासकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं ।भीड़ पर नजर रखने के लिए मंदिर परिसर में नौ सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। नियंत्रण कक्ष में तीन एईडी टीवी लगाया गया है। हर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

मेले की देखते बनती है रौनक
शीतलाष्टमी मेले की रौनक लोगों को खूब भा रही है। पूजन सामग्री, खिलौने, श्रृंगार, बर्तन, पकौड़े, गुपचुप, जलेवी, मिठाइयां आदि की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने जमकर खरीदारी की। माता-पिता के साथ मेले में पहुंचे बच्चों ने हवाई झूले, ड्रगन झूले, चकरी, मिक्की मौस आदि का लुत्फ उठाया। श्रृंगार की दुकानों पर महिलाएं तो गुपचुप और चाट के स्टॉल पर युवतियों की भीड़ लगी रही।

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