
जहां एक ओर दुनिया में पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी हो रही है तो वहीं, भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है । केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया है ।
एक्साइज ड्यूटी बढ़ी
मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। जिसके बाद एक लीटर पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़कर 22 रुपए 98 पैसे हो गया है ।
Excise duty on both petrol and diesel increased by Rs 3 per litre pic.twitter.com/PZn59cfd5o
— ANI (@ANI) March 14, 2020
घट रही है कच्चे तेल की कीमतें
एक तरफ सरकार पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ा रही है. तो वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है । पिछले 10 दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है ।
लोगों को कीमत कम होने की थी आशा
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही थी तो लोगों को लग रहा था कि सरकार इसकी कीमतों में कमी करेगी औऱ लोगों को इसका फायदा मिलेगा. लेकिन उल्टे सरकार ने तीन रुपए का इजाफा कर दिया है .
कितना देना पड़ता है टैक्स
अब आपको बताते हैं कि एक लीटर पेट्रोल की जो कीमत आप अदा करते हैं उस पर कितना टैक्स लगता है उस पर एक नजर-
एक्साइज ड्यूटी – 22.98 रुपये/ लीटर
वैट – 15.25 रुपये/ लीटर
डीलर कमीशन – 3.55 रुपये/ लीटर
राज्यो में वैट की दरें अलग-अलग हैं. यह रेंज 15 रुपये से लेकर 33-34 रुपये तक है. इसलिए राज्यों पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी अलग-अलग हैं.
कीमत का आधा टैक्स में जाता है
एक लीटर डीजल पर यह टैक्स लगभग 42 रुपये का पड़ता है. यानी पेट्रोल-डीजल की कीमत का आधा से ज्यादा हिस्सा टैक्स का है. साल 2014 से 2019 के बीच यानी मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगने वाली टैक्स दरें ऊंची रहीं. नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच एक्साइज ड्यूटी रिकार्ड दस बार बढ़ाई गई.