
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Elections) से पहले ही सियासत गरमाने लगी है. सियासी पार्टियां एक-दूसरे पर बयानों के तीर चलाने में जुट गई हैं. ऐसे में तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के बयान ने सूबे का राजनीतिक पारा ऊपर चढ़ा दिया है. तेजस्वी ने कहा कि कोरोना संकट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पिछले 90 दिन से कहीं गायब हैं. और अब उन्हें ढूढ़ने वो खुद सीएम आवास जाएंगे.
‘बिल में छिपे हुए हैं नीतीश’
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता इस आपदा में त्राहिमाम कर रही है. चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है. और सूबे के मुखिया किसी बिल में छिपे हुए हैं. आरजेडी दफ्तर पहुंचे तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक कई हमले किए. उन्होंने कहा कि अब कोई दूसरा रास्ता भी नहीं बचा. विपक्ष को अब बिहार में अपनी जिमेदारी निभानी ही पड़ेगी. जनता के खातिर हमें सीएम नीतीश कुमार को हर हाल में खोजना ही पड़ेगा.
‘चुनाव से पहले मान ली हार’
तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले ही हार मान ली है. उनकी भाषा की मर्यादा जिस तरह से गिरी है, उससे पता चल रहा है कि वे निराश और हताश हो चुके हैं. भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी के वायरल वीडियो पर तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू के लोग हमारी पार्टी पर अमर्यादित भाषा बोलने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन जनता देख और सुन भी रही है कि नीतीश कुमार जी के मंत्रिमंडल के साथी किस तरह से गाली-गलौज कर रहे हैं.
‘गरीबों-बेरोजगारों पर चर्चा कब’
तेजस्वी ने मंत्री नीरज कुमार के उन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि बिहार में चर्चा तरुण यादव पर हो रही है. बिहार सरकार के मंत्री प्रेस कांफ्रेंस करके खुलासा करते हैं, लेकिन जरा नीतीश कुमार जी बताएं कि बिहार में गरीबों, बेरोजगारों पर चर्चा कौन करेगा?