
बिहार में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. कोरोना की जांच में तेजी लाने के लिए बिहार में दो प्राइवेट लैब को इजाजत मिली है । ICMR ने इसके लिए दो प्राइवेट लैब को जिम्मेदारी दी है.
किन दो लैब को मिली इजाजत
बिहार में जिन दो जांच घरों को कोरोना की जांच की इजाजत मिली है । उसमें डॉ. लाल पैथ लैब और पाथ काएंड डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड शामिल है. यह दोनों प्राइवेट लैब अब लोगों की ना केवल सैंपल ले सकेंगे बल्कि जांच भी करेंगे.
बिहार में जिन दो जांच घरों को कोरोना की जांच की इजाजत मिली है । उसमें डॉ. लाल पैथ लैब और पाथ काएंड डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड शामिल है. यह दोनों प्राइवेट लैब अब लोगों की ना केवल सैंपल ले सकेंगे बल्कि जांच भी करेंगे.


कितने पैसे देने होंगे
बिहार में अब तक सरकारी अस्पतालों में कोरोना टेस्ट की जाती है. जिसको बढ़ाते हुए अब प्राइवेट लैब के जिम्मे भी सौंपा गया है. प्राइवेट लैब में दो चरणों में जांच होगा. पहला स्क्रीनिंग के लिए अधिकतम 1500 रुपए लिया जा सकता है. पुष्टि के लिए दूसरे चरण के जांच लिए 3000 रुपए निर्धारित किया गया है. अगर कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं है और यह स्क्रीनिंग से पता चलता है तो उसको सिर्फ 1500 रुपए ही देना होगा.
बिहार में अब तक सरकारी अस्पतालों में कोरोना टेस्ट की जाती है. जिसको बढ़ाते हुए अब प्राइवेट लैब के जिम्मे भी सौंपा गया है. प्राइवेट लैब में दो चरणों में जांच होगा. पहला स्क्रीनिंग के लिए अधिकतम 1500 रुपए लिया जा सकता है. पुष्टि के लिए दूसरे चरण के जांच लिए 3000 रुपए निर्धारित किया गया है. अगर कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं है और यह स्क्रीनिंग से पता चलता है तो उसको सिर्फ 1500 रुपए ही देना होगा.