
नालंदा सहित बिहार के कई जिलों में आज भी बारिश और ओलाव़ष्टि की आशंका है. मौसम विभाग ने के मुताबिक कई जिलों में तेज बारिश भी हो सकती है. इससे पहले शुक्रवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वज्रपात से आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई। जिसमें नालंदा में दो और जमुई में दो लोगों की जान गई
नालंदा में दो की मौत, 1 घायल
नालंदा जिला में व्रजपात की वजह से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। पहली घटना सरमेरा थाना क्षेत्र के गोपालपुर की है जहाँ नन्दू प्रसाद की 32 साल की पत्नी दयावती देवी की मौत हो गई। जबकि दूसरी घटना रहुई के उतरनामा गांव की है जहां भी बज्रपात से एक किशोरी की जान चली गई, वहीं एक अन्य झुलस गया । जिसे इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जमुई में दो की मौत, 2 घायल
जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खिलार पंचायत के सिंधुमडहर गांव में वज्रपात से दो किशोर की मौत हो गई। जबकि दो किशोर झुलस गया। मृतकों की पहचान विनोद टुडू के 14 वर्षीय पुत्र संदीप टुडू और उमेश सोरेन के पुत्र परशुराम कुमार के रूप में हुई है। घायलों में बासुदेव बेसरा का पुत्र सुजीत बेसरा और जगलाल मुर्मू का पुत्र कारू मुर्मू शामिल है। घायलों का इलाज लक्ष्मीपुर रेफरल अस्पताल में चल रहा है
पूर्वी चंपारण में युवक की मौत, दो जख्मी
वहीं, पूर्वी चंपारण के कुंडवाचैनपुर थाना क्षेत्र के चांदमोहन गांव में दरवाजे पर खड़े परवेज नामक युवक की मौत हो गई। वहीं तुरकौलिया प्रखंड क्षेत्र के हरदिया गांव में वज्रपात से सकल पासवान व हरेंद्र प्रसाद गंभीर रूप से जख्मी हो गये।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज भी यानि दो मई को भी कई जिलों में बारिश और ओला वृष्टि का अनुमान लगाया है. इससे पहले भी एक मई को आंधी तूफान की आशंका जताई थी । जो सही साबित हुआ ।
किसानों की फसलें बर्बाद
वहीं इस बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी छायी हुई है। इस आंधी बारिश से किसानों की बची उम्मीदें भी अब पूरी तरह से खत्म हो गई हैं क्योंकि खेतों में लगी उनकी फसल अब पूरी तरह से नष्ट हो गई है। मौसम की बेरूखी एवं लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में फसलों की बड़े पैमाने पर क्षति हुई है। खासकर गेहूं की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ा है। बहुत अधिक मात्रा में गेहूं की फसल खेतों में हैं और दौनी के इंतजार में बुरी तरह भींग गई है।