
देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए आज नीट यानि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बड़ी लापरवाही भी सामने आई। बिहार के करीब दो सौ छात्र परीक्षा देने के लिए गुजरात के पाटन पहुंच गए जबकि उनका सेंटर पटना में था। परीक्षार्थी एग्जाम देने के लिए पाटन पहुंंचे तो वे अपने एडमिट कार्ड पर छपे एग्जाम सेंटर को ढ़ूढने लगे। कुछ परीक्षार्थियों के साथ उनके गार्जियन भी पाटन गए थे । जब उन्हें एग्जाम सेंटर नहीं मिला तो उनके होश उड़ गए। अधिकतर छात्र और उनके मम्मी-पापा परेशान हो गए। उन्हें कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि आखिर ये हुआ कैसे ? एडमिट कार्ड में जो परीक्षा केंद्र है वो तो शहर में है ही नहीं । फिर इस मामले में सीबीएसई के संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा गया। वो भी परेशान हो गए कि ऐसे कैसे हो सकता है । लेकिन उन्हें जल्द ही इस भूल का एहसास हो गया और उन्होंने बताया कि आपका सेंटर पाटन में नहीं बल्कि पटना में है। पाटन गुजरात में है और वहां से एक घंटे के भीतर परीक्षार्थियों को पटना पहुंचना संभव भी नहीं था । छात्र परेशान थे उन्हें लग रहा था कि उनका पूरे साल का मेहनत बर्बाद हो गया । लेकिन इस बीच संबंधित अधिकारियों ने अपने उच्च अधिकारियों को इस बारे में बताया । जिसके बाद इन छात्रों के लिए पाटन में ही परीक्षा केंद्र की व्यवस्था की गई और बिहार के करीब दो सौ छात्र परीक्षा दे पाए। लेकिन इस दौरान सीबीएसई ने जब जांच और पूछताछ की तो पता चला कि इसमें गलती सीबीएसई की नहीं है । बल्कि उन साइबर कैफे संचालकों की है जहां से छात्रों ने अपना फॉर्म भरता था । साइबर कैफे मालिकों ने नीट का ऑनलाइन आवेदन करते वक्त लापरवाही की थी । उसने सैकड़ों परीक्षार्थियों के सेंटर कॉलम में पटना के बदले पाटन लिख दिया। इस कारण हॉल टिकट पर पाटन प्रिंट हो गया। ऐसे में नालंदा लाइव आप से अपील करता है कि अगली बार से अगर कोई भी फॉर्म अगर ऑनलाइन भरते हैं तो स्पेलिंग का खासा ध्यान रखिएगा। नहीं तो इसी तरह की परेशानी से दो चार होना पड़ेगा
बिहार में 47 केंद्रों पर हुई परीक्षा
रविवार को बिहार सहित पूरे देश में मेडिकल में प्रवेश के लिए नीट का आयोजन किया जा रहा है। बिहार में 47 केंद्रों पर 21,000 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
ये रहा परीक्षा का ड्रेस कोड
केंद्र पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल आदि ले जाने की भी मनाही थी। ब्लूटूथ डिवाइस पर नजर रखने के लिए केंद्रों पर टॉर्च की व्यवस्था की गई। नीट के लिए सीबीएसई ने ड्रेस कोड जारी किया था। छात्रों के लिए हल्के रंग के कपड़े जैसे जींस, पैंट, छोटे बटन या आधा बाजू वाली कमीज, चप्पल या सैंडल निर्धारित थी। पूरे बाजू की कमीज, घड़ी, कुर्ता, पायजामा तथा जूते को पहनने पर रोक लगाई गई थी । छात्राओं को बुर्का, साड़ी, हेयर क्लिप, रिंग, चेन, चूडिय़ां, नेकलेस आदि पहनकर नहीं आने देने की सलाह दी गई थी। हालांकि शादीशुदा छात्राएं चूड़ी और मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी गई थी।