
शेखपुरा जिला में टीकाकरण अभियान के तहत सात गांवों को मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इन सात गांवों में शत-प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार ने इन सात गांवों का चयन किया है। इसका उद्देश्य इन गांवों में जच्चा और बच्चा की मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाना है। जिले के सिविल सर्जन डॉ एमपी सिंह के मुताबिक समूचे देश में 14 अप्रैल से चलाये जा रहे ग्राम स्वराज अभियान के तहत इन सात गांवों का चयन किया गया है। गांवों का चयन सरकार ने खुद अपने स्तर से किया है। इसमें शेखपुरा ब्लॉक के फरीदपुर, मंदना और सूरदासपुर गांव शामिल हैं। इसके अलावा बरबीघा ब्लॉक के उखधी, कंहौली, मिर्जापुर और गोड्डी गांव को भी शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत चयनित गांवों में दो साल तक के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करना है। ये इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है जिसके तहत अगले तीन महीने तक इन गांवों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए गांवों में दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। शेखपुरा ब्लॉक के गांव में 25 और बरबीघा ब्लॉक के गांव में 26 अप्रैल को टीकाकरण किया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि इन सात गांवों को शत-प्रतिशत टीकाकरण कर लेने के बाद समूचे जिले में इन गांवों को मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। इन सात गांवों में दो साल तक की आयु के 496 बच्चे हैं। जिसमें से 162 टीकाकरण से वंचित हैं। इसी तरह इन गांवों में 159 गर्भवती महिला को चिंहित किया गया है। जिसमें से 58 महिला का टीकाकरण नहीं किया गया है।