Home काम की बात अफवाह फैलाए तो जाना होगा जेल.. नालंदा में कहां-कहां हुआ साइबर सेल गठित जानिए

अफवाह फैलाए तो जाना होगा जेल.. नालंदा में कहां-कहां हुआ साइबर सेल गठित जानिए

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नालंदा जिला में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की अब खैर नहीं है। क्योंकि अफवाह फैलाने वाले असमाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए नालंदा जिला  के दो थानों साइबर सेल यूनिट का गठन किया गया है। आपको साइबर क्राइम में मिलने वाली सजा के बारे में बताएंगे। साथ ही ये भी बताएंगे की हैकिंग,प्रोनाग्राफी और डेटा चोरी जैसे अपराध में सजा का क्या प्रावधान। लेकिन उससे पहले नालंदा जिला में खुले दो साबइर सेल यूनिट के बारे में जानिए

बिहारशरीफ और हिलसा में साइबर सेल यूनिट

नालंदा जिला के दो थानों बिहारशरीफ और हिलसा में साइबर सेल यूनिट काम करने लगी है। सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराने की व्यवस्था की गयी है। यहां एक दारोगा, चार कंस्टेबल भी तैनात रहेंगे। साथ ही 100 साइबर सेनानी को तैनात किया गया है। जो  सोशल मीडिया और साइबर क्राइम पर बारीक नजर रखने के साथ इसकी सूचना तत्काल यूनिट को देना होगा।

कैसे काम करता है साइबर सेल यूनिट

कोई भी पीड़ित www.cyberpolic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। दर्ज शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यूनिट का मुख्यालय पटना में बनाया गया है । जिसे कंप्यूटर फारेंसिक लैब (सीएफएल) नामित किया गया है। उलझते मामलों को सुलझाने के लिए स्थानीय यूनिट मामले को जिला मुख्यालय में ट्रांसफर करेगा। जिला मुख्यालय भी मामले को सुलझाने में सक्षम नहीं हुआ तो उसे सीएफएल ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

साइबर क्राइम को लेकर सख्त कानून

भारत में साइबर क्राइम के मामलों में सूचना तकनीक कानून 2000 और सूचना तकनीक (संशोधन) कानून 2008 लागू होते हैं। मगर इसी श्रेणी के कई मामलों में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), कॉपीराइट कानून 1957, कंपनी कानून, सरकारी गोपनीयता कानून और यहां तक कि आतंकवाद निरोधक कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा अन्य कार्रवाई भी है। जैसे आईटी नियम 2011 के तहत भी कार्रवाई की जाती है। इस कानून में केवल अपराधियों को सजा नहीं मिलती है बल्कि निर्दोष लोगों को साजिशों से बचाने के इतंजाम भी हैं

किस अपराध पर क्या है सजा का प्रावधान

हैकिंग हैकिंग करने वालों को तीन साल जेल या पांच लाख जुर्माना।

जानकारी या डेटा चोरी डेटा चोरी करने पर तीन साल जेल या दो लाख जुर्माना।
यरस, स्पाईवेयर फैलाना- तीन साल जेल या जुर्माना होगा
पहचान की चोरी- तीन साल जेल या एक लाख तक जुर्माना।
ई-मेल स्पूफिंग और फ्रॉड- तीन साल की जेल या जुर्माना।
पोर्नोग्राफी- पहली गलती पर पांच साल तक की जेल या 10 लाख जुर्माना। लेकिन, दूसरी बार गलती करने पर जेल की सजा सात साल तक बढ़ सकती है।
बच्चों और महिलाओं को तंग करना तीन साल जेल या जुर्माना

नालंदा लाइव की सलाह
यानि अगर आप फेसबुक,व्हाट्सअप,टि्वटर,यूट्यूब, गूगल प्लस जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो अब आपको सावधान रहने की जरूरत है। कोई भी मैसेज को बिना समझे किसी को फॉरवर्ड न करें। क्योंकि अगर इसमें अफवाह निकला तो आप सलाखों के पीछे यानि जेल भी जा सकते हैं। साथ ही जुर्माना भी देना पड़ सकता है ।

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