
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी सात निश्चय योजना को लागू करने में नालंदा जिला सूबे में अव्वल रहा। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृहजिले नालंदा में शौचालय योजना के बाद गली नाली योजना और हर घर नल योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है। नगरनौसा प्रखंड के गोरइपुर पंचायत के गिलानीचक गांव में सात निश्चय योजना से बन रहा जलमीनार पानी भरने के साथ ही एकाएक धारासायी हो गया। इस जलमीनार का निर्माण मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के हर घर नल जल योजनाओं के तहत कराया गया था। इसका निर्माण कार्य वार्ड विकास समिति द्वारा कराया गया था। लेकिन भ्रष्टाचार का आलम देखिए की पहली बार पानी भरते ही जलमीनार भरभराकर गिर गया। जलमीनार के गिरने की खबर जैसे ही प्रखंड विकास पदाधिकारी और इंजीनियर को लगी वे घटनास्थल पर पहुंचे और दोबारा इसके निर्माण कराने का आदेश दिया। लेकिन ये उठता है कि 25 दिन पहले जिस जलमीनार को जूनियर इंजीनियर ने क्लीनचिट दे दिया था वो कैसे भरभराकर गिर गया। ऐसे में उस कनीय अभियंता पर कार्रवाई क्यों न की जाए जिसने इसका क्लियरेंस दिया था । सवाल ये भी उठता है कि क्या जूनियर इंजीनियर ने पैसे लेकर इसका क्लियरेंस दिया था ? आपको बता दें कि इससे पहले हरनौत और हिलसा में शौचालय निर्माण में घोटाले का मामला सामने आया था ।