
स्मार्टसिटी की बात आपने सुनी होगी । अब तीन साल में बिहार का हर गांव स्मार्ट बनेगा । ये बात खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगले तीन साल में सूबे के हर गांव आधुनिक शहरों के समकक्ष हो जाएंगे। उनके मुताबिक सरकार ने चार वर्षों में बिहार के हर गांव को स्मार्ट बनाने का जिम्मा लिया है। एक वर्ष बीत चुके हैं। अगले तीन वर्षों में लक्ष्य के मुताबिक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। सात निश्चय के तहत गांवों को स्मार्ट बनाने की पूरी योजना है। साल के अंत तक बिहार के हर घर में बिजली पहुंच जाएगी। जबकि हर गली नली का पक्कीकरण और शौचालय निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है। अब किसी को भी अपने लिए योजना मांगने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग को भी दुहराया। उन्होंने कहा कि बिहार के पास संसाधनों की कमी है। सरकार अपने बलबूते सूबे का विकास कर रही है, लेकिन बिहार को विकसित बिहार बनाने के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता तब तक हम मांग करते रहेंगे और हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सात निश्चय से गांवों में भी शहरों की सुख सुविधाएं दी जा रही हैं। बिजली से लेकर शिक्षा तक, गलियों से लेकर सड़कों तक में काफी बदलाव आया है, लेकिन विशेष राज्य का दर्जा मिलने से बिहार के विकास को रफ्तार मिलेगी। बिहार में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। औद्योगिक विकास का वातावरण बनेगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार विधि व्यवस्था से लेकर शिक्षा व्यवस्था के प्रति काफी गंभीर है। इस पर काम भी हो रहा है।