
बिहारशरीफ शहर को सोहसराय से जोड़ने वाला पुल जर्जर हालत में है। इसे बनाने के लिए सरकार ने फंड दिया। ठेकेदार ने काम शुरू किया। डायवर्जन बना तो लोगों को लगा कि अब यहां पर नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन महीने और सालों गुजर जाने के बाद भी काम नहीं शुरू हो पाया है । अब सवाल ये उठता है कि इसका गुनाहगार कौन है ? कौन है जो नहीं चाहता है कि इस पुल का निर्माण हो? किसकी लापरवाही का शिकार हुआ है सोहसराय पुल? कब तक विभागीय लापरवाही की वजह से परेशान होंगे लोग ?
क्या है पूरा मामला
सोहसराय को बिहारशरीफ से जोड़ने वाला ये एकमात्र पुल है। जो अंग्रेजों के जमाने में बना था। आज उसकी स्थिति जर्जर हो गई है। हजारों लोग रोजाना इस पुल से होकर गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। पुल के जीर्णोद्धार के लिए लोगों की मांग पर सरकार ने टेंडर जारी किया। इसके मुताबिक इस पुल को 12 मीटर चौड़ा बनाना है। इसके लिए 2 करोड़ 58 लाख 34 हजार रुपए का टेंडर निकला
बारिश के बाद कैसे होगा काम
सोहसराय पुल के निर्माण के लिए पुन निर्माण विभाग ने एक साल का वक्त ठेकेदारों को दिया था। लेकिन छह महीने से ज्यादा का समय निकल गया है और अबतक डायवर्जन के अलावा दूसरा काम नहीं हुआ है। तीन महीने बाद बारिश का सीजन शुरू हो जाएगा तो ऐसे में भी काम ठप्प हो जाएगा।
बिहारशरीफ नगर निगम बना विलेन
नालंदा लाइव ने जब इस मामले की पड़ताल की। तो इसमें बिहारशरीफ नगर निगम विलेन की भूमिका में दिख रहा है । ठेकेदारों के मुताबिक पुल से होकर गुजरे पीने की पानी की पाइप जा रही है । जिसे हटाने की जिम्मेदारी बिहारशरीफ नगर निगम को है । ठेकेदारो का कहना है कि इसके लिए कई बार नगर निगम को लिखित आवेदन दिया गया है लेकिन पाइप हटाने का काम नहीं शुरू किया गया है।
बिना पाइप हटे काम नहीं होगा शुरू
बिहार पुल निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उपेंद्र कुमार का कहना है कि समय पर पुल बनवाने के लिए विभाग के साथ ठेकेदार भी तत्पर है। लेकिन, जलापूर्ति का पाइप नहीं हटाने से निर्माण कार्य शुरूनहीं हो पा रहा है। अब ठेकेदार भी काम करने से पीछे हटने लगा है। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि जबतक पाइप और तार नहीं हटते हैं तब तक पुल को तोड़ा नहीं जा सकता है ।
अब डीएम साहब ने संभाला मोर्चा
नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह का कहना है कि ये पुल काफी उपयोगी है। इसके निर्माण में आने वाली बाधाएं दूर करने का हर प्रयास किया जाएगा। यह कोशिश होगी कि समय पर पुल बन जाये। इसके लिए नगर निगम से बात की जाएगी।
चार साल की हो चुकी है देरी
सोहसराय पुल को बनाने में चार से ज्यादा की देरी हो चुकी है । इसके लिए पुल निर्माण विभाग नगर निगम को दोषी ठहरा रहा है । पुल निर्माण विभाग के मुताबिक पुल से होकर बिजली विभाग के तार के अलावा वाटर सप्लाई का पाइप भी गुजरा है। कई आग्रह के बाद बिजली विभाग ने तार हटा लिया। लेकिन नगर निगम ने पाइप नहीं हटाया। जिसकी वजह से काम रुका है
नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद अब संभावना है कि पुल के निर्माण काम में तेजी आएगी। साथ ही बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाली नगर निगम की भी नींद खुलेगी ।