Home खास खबरें अनंत सिंह का खेल खत्म करने वाली लेडी सिंघम लिपि सिंह के बारे में अनसुनी बातें जानिए

अनंत सिंह का खेल खत्म करने वाली लेडी सिंघम लिपि सिंह के बारे में अनसुनी बातें जानिए

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बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की कभी तूती बोलती थी. कभी खुद को शेर कहने वाला आज भींगी बिल्ली बना है . वो खुद को छुपाया फिर रहा है और पटना पुलिस उसकी तलाश कर रही है । लेकिन असली सवाल ये है कि अनंत सिंह का ये हाल किसने की. जिसके दरबार में कल पुलिस वाले सलामी ठोंकते थे . आज उसकी तलाश में पुलिस क्यों खाक छान रही है. तो आज हम बता रहे हैं कि वो है बिहार की मर्दानी औऱ लेडी सिंघम के नाम से मशहूर नालंदा की बेटी लिपि सिंह.

कौन हैं लिपि सिंह
लिपि सिंह कड़क IPS अधिकारी हैं. वो अभी बाढ़ की ASP हैं. लिपि सिंह के पिता का नाम रामचंद्र प्रसाद सिंह है।वे आरसीपी सिंह के नाम से अधिक मशहूर हैं . आरसीपी सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे राज्यसभा के सांसद हैं और नीतीश के सबसे करीबी माने जाते हैं। आरसीपी सिंह मूल रुप से नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड के मुस्तफापुर गांव के रहने वाले हैं. आरसीपी सिंह खुद उत्तर प्रदेश कैडर के आइएएस अफसर रहे हैं और नीतीश कुमार के कहने पर आइएएस की नौकरी छोड़ कर नेता बन गए

लिपि सिंह की शिक्षा

लिपि सिंह की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के उन शहरों में हुई जहां-जहां उनके पिता आइएएस अफसर के रूप में तैनात रहे। फिर वे देश के सबसे मशहूर डीपीएस आरकेपुरम से पढ़ाई की। डीपीएस आरकेपुरम से बारहवीं करने के बाद लिपि सिंह ने डीयू यानि दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में ग्रेजुएशन किया। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से ही लॉ की पढ़ाई की.

आईपीएस बनना था सपना

कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद लिपि सिंह यूपीएससी की तैयारी में जुट गयीं। पहली बार में लिपि सिंह का चयन यूपीएससी में हो गया लेकिन उन्हें IRS यानि भारतीय राजस्व सेवा मिल रहा था। लेकिन लिपि सिंह आईपीएस बनना चाहती थीं. इसलिए लिपि सिंह ने आईआरएस की नौकरी नहीं ज्वाइन की। क्योंकि लिपि सिंह को खुद पर भरोसा था और बेहतर रैंक लाना चाहती थीं। वे पटना लौट आयीं। उन्होंने नये सिरे से यूपीएससी पर फोकस किया। पटना हाईकोर्ट में वकालत भी करने लगीं और साल 2015 में उनका चयन यूपीएससी में हुआ . लिपि सिंह को 114 वीं रैंक मिला। वे आइपीएस के लिए चुनी गयीं और बिहार कैडर मिला।

पटना जिला में पहली पोस्टिंग
ट्रेनिंग के दौरान उनकी पहली तैनाती पटना से सटे नौबतपुर में थानेदार के रूप में हुई। वहां उन्होंने एक सख्त अधिकारी की छवि बनायी। फिर 2018 में उन्हें बाढ़ का एसडीपीओ बनाया गया. लिपि सिंह के पति भी आईएएस अधिकारी हैं। उनका नाम सुहर्ष भगत है. अब लिपि सिंह का मकसद टाल इलाके से आतंक के उस नाम का खात्मा करना था. जिसके लिए अनंत सिंह जाना जाता था. लिपि सिंह ने पहले अनंत सिंह के गुनाहों की लंबी लिस्ट तैयार की. फिर उसके खिलाफ सबूतों को इक्ट्टा करना शुरू किया।लिपि सिंह ने अनंत सिंह के काले करतूतों की पोटली खंगालनी शुरू कर दी। साथ ही शराब, बालू, समेत अवैध हथियारों के कारोबार पर भी नकेल कस कर रखा था. अनंत सिंह के समर्थकों पर लिपि सिंह का कहर लगातार टूटता रहा है. लिपि के बारे में कहा जाता है कि वो अपने अधिकारियों को आदेश देने की बजाए अधिकांश ऑपरेशन को खुद लीड करती हैं. लिपि सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं लोकसभा चुनाव के दौरान लिपि सिंह तबादला कर दिया गया था. जिसके विरोध में पूरा बाढ़ शहर उठ पड़ा था और लिपि सिंह की वापसी की मांग करने लगा था।

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