Home काम की बात नालंदा में बंद होंगे बिना मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल.. जानिए क्या है पूरा मामला

नालंदा में बंद होंगे बिना मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल.. जानिए क्या है पूरा मामला

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नालंदा जिला में शिक्षा विभाग ने कुकुरमुत्ते की तरह फैले प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है । शिक्षा विभाग ने बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का एलान किया है । इसके लिए प्राइवेट स्कूलों को 25 नवम्बर तक आवेदन जमा करने का मौका दिया गया है।

डीपीओ में जमा कराने होंगे आवेदन
प्रस्वीकृति समिति के निर्णय के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत आवश्यक कागजात व बिहार स्टेट फायर सर्विस एक्ट 2014 संबंधी स्व-घोषणा पत्र के साथ आवेदन फार्म समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ कार्यालय में जमा करना है। आवेदन के साथ ट्रस्ट सोसाइटी द्वारा स्कूल संचालित होने का साक्ष्य का शपथ पत्र, भवन, भूमि आदि का किरायानामा अथवा निजी स्वामित्व आदि साक्ष्य के अलावा विगत तीन वर्षों का अंकेक्षण रिपोर्ट जमा करना आवश्यक है। डीईओ मनोज कुमार ने बताया कि निर्धारित अवधि में आवेदन जमा नहीं करने वाले स्कूलों को प्रस्वीकृति लेने का अवसर नहीं मिलेगा और ऐसे स्कूलों का संचालन बाद में जांच कर बंद करा दिए जायेंगे।

किन किन कागजातों को कराना होगा जमा
1. विहित प्रपत्र में स्वघोषणा पत्र भौतिक सत्यापन के साथ।
2. कार्यरत शिक्षाक व शिक्षिका का योग्यता प्रमाण पत्र।
3. विद्यालय व्यवस्थापक का गैर मालिकाना शपथ पाठ।
4. निर्धारित एक्ट के अंतर्गत निबंधित संस्था व पब्लिक ट्रस्ट विद्यालय संचालन संबंधी प्रमाण पत्र।
5. निबंधित संस्था व पब्लिक ट्रस्ट का संविधान की छाया प्रति।
6. विद्यालय स्थल का किरायनामा व एकरारनामा।

रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्कूलों को माननी होंगी ये शर्तें
1. हर 30 बच्चा पर कम से कम एक शिक्षक।
2. हर 30 बच्चा पर कम से कम एक वर्गकक्ष।
3. ट्रेंड शिक्षक।
4. किसी मान्यता प्राप्त संस्था के अधीन संचालन।
5. शिक्षा विभाग से एप्रुव्ड शुल्क संरचना।
6. शुल्क में वृद्धि के पहले शिक्षा विभाग की स्वीकृति।
7. पहली कक्षा में 25 फीसदी बीपीएल परिवार के बच्चों का नामांकन
अवधि विस्तार की शुरू हो गई है प्रक्रिया

743 निजी स्कूलों को मिली हुई है मान्यता
जिले में शिक्षा विभाग के मापदंड को पूरा करने वाले कुल 743 निजी स्कूलों को मान्यता (प्रस्वीकृति) मिली हुई है। विभागीय प्रावधान के तहत प्रत्येक तीन वर्ष पर प्रस्वीकृति प्रमाण पत्र का नवीकरण जरुरी है।

नवीकरण में इन कागजातों को जमा करना अनिवार्य
तीन साल पूरा होने पर मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को 25 नवंबर तक कराना होगा नवीकरण
1.विद्यालय का विगत तीन वर्षो का अंकेक्षण प्रतिवेदन(ऑडिट रिपोर्ट)
2. विद्यालय के ट्रस्ट की अधतन सत्यापित प्रति।
3. शिक्षा अधिकार अधिनियम का शत प्रतिशत अनुपालन करने संबंधी शपत्र पत्र।

रजिस्ट्रेशन से क्या होगा लाभ
जिन निजी स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, वहां से पास होने वाले छात्रों का नामांकन अगली कक्षा में आसानी से कहीं भी हो जाएगा। निजी स्कूल द्वारा दिये गये सर्टिफिकेट की मान्यता सरकारी स्कूलों में दी जाएगी। इन स्कूलों की पहली कक्षा में नामांकित होने वाले कुल बच्चों की 25 फीसदी का खर्च सरकार वहन करेगी। उसे एमडीएम, छात्रवृत्ति, पोशाक व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

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