बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर.. ओवैसी की पार्टी का सफाया.. क्या मुख्यमंत्री बनने वाले हैं तेजस्वी यादव ?

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महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक सियासी उलटफेर का दौर चल रहा है । जहां एक ओर महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना के दो तिहाई विधायकों ने बगावत कर ली है । तो वहीं, बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में भी बड़ी टूट हुई है ।

तेजस्वी ने ओवैसी को दिया झटका
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बड़ा झटका दिया है । तेजस्वी यादव ने AIMIM के पांच में से चार विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है।

कौन कौन विधायक RJD में शामिल
बिहार में ओवैसी की पार्टी AIMIM के जिन चार विधायकों ने RJD का दामन थाम लिया है उसमें कोचाधामन सीट से विधायक मुहम्मद इजहार अस्फी, जोकीहाट विधानसभा से विधायक शाहनवाज आलम, पूर्णिया के बायसी सीट से MLA सैयद रुकनुद्दीन अहमद और बहादुरगंज विधानसभा सीट से विधायक अनजार नईमी शामिल हैं ।

https://twitter.com/ANI/status/1542067457942523910

 

RJD बनी सबसे बड़ी पार्टी
ओवैसी को झटका देने के बाद तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी एक बार फिर बिहार विधानसभा में नंबर वन हो गई है। बिहार विधानसभा में आरजेडी के 76 विधायक थे। लेकिन AIMIM के 4 विधायकों के शामिल होने के बाद आरजेडी विधायकों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है ।

दूसरे नंबर पर बीजेपी
वहीं, बिहार विधानसभा में बीजेपी से सबसे बड़ी पार्टी का तमगा छीन गया है । बिहार विधानसभा में बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी हो गई है । विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या 77 रह गई है । आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भी आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी थी । जबकि बीजेपी दूसरी बड़ी पार्टी थी। लेकिन मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के 3 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे । जिसके बाद विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या 77 हो गई और सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी। लेकिन आरजेडी ने दोबारा ताज अपने नाम कर लिया है ।

क्या मुख्यमंत्री बनने वाले हैं तेजस्वी
अब सवाल ये उठने लगा है कि ओवैसी की पार्टी को तोड़ने के बाद क्या तेजस्वी यादव सरकार बनाने वाले हैं । तो आपको बता दें कि बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। AIMIM के विधायकों के RJD में शामिल होने के बाद आरजेड के विधायकों की संख्या 80 हो गई है । जबकि कांग्रेस के 19 विधायक हैं । जबकि CPI (ML) के 11 और CPI(M) के 3 और CPI के 2 विधायक हैं । जिसके बाद ये आंकड़ा 115 तक पहुंचता है। यानि तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी अब भी बहुमत से 7 सीट पीछे है ।

बिहार विधानसभा चुनाव में किसे कितनी सीटें मिली
साल 2020 में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे । जिसमें लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी। जबकि दूसरे नंबर पर बीजेपी और तीसरे नंबर पर नीतीश कुमार की जेडीयू रही थी। मौजूदा विधानसभा की बात करें तो अभी सदन में
RJD- 80
BJP- 77
JDU- 46
CONG- 19
HAM- 4
CPIML- 11
CPM 3
CPI 2

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