बिहार में 12 से पहले होगा ‘खेला’ ?.. कांग्रेस में हड़कंप.. विधायकों को एयरलिफ्ट कराने की तैयारी

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बिहार में 12 फरवरी को नीतीश सरकार का फ्लोर टेस्ट है । यानि बिहार में जिस दिन से विधानसभा (Bihar Vidhansabha Session) का सत्र शुरू होने वाला है । उसी दिन नीतीश सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित (Floor test) करना होगा। वैसे तो बहुमत का आंकड़ा नीतीश सरकार के पक्ष में है । क्योंकि बहुमत के लिए 122 विधायक चाहिए और एनडीए के पास 128 विधायक हैं। लेकिन इस बीच बड़ी ख़बर ये आ रही है कि बिहार में कांग्रेस को ऑपरेशन लोटस (operation Lotus in Bihar) का डर सताने लगा है ।

बिहार में कांग्रेस के 19 विधायक हैं। जिसमें कई विधायक सत्ताधारी पार्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जिसके बाद पार्टी आलाकमान पार्टी को टूट से बचाने के लिए अपने विधायकों को पटना और दिल्ली से दूर हैदराबाद या बेंगलुरु भेजने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों को एयरलिफ्ट कर हैदराबाद या बेंगलुरु ले जा सकती है । क्योंकि इन दोनों जगहों पर कांग्रेस पार्टी की सरकार है ।

दरअसल. शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई थी। जिसमें कांग्रेस के 19 विधायकों में से 16 विधायक ही मीटिंग में पहुंचे थे । 3 विधायकों ने बैठक से दूरी बना रखी थी। जिसके बाद आलाकमान ने विधायकों को एयरलिफ्ट कराने का मन बनाया है ।

कांग्रेस पार्टी के जिन तीन विधायकों ने बैठक से दूरी बनाई थी । उसमें मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह (Manihari MLA Manohar Prasad Singh), बिक्रम से विधायक सिद्धार्थ सौरव ( Bikram MLA Sidharath Sourav)और अररिया के विधायक आबिदुर्रहमान( Araria MLA Aabidurahaman) शामिल हैं । बताया जा रहा है कि मनोहर सिंह की तबीयत खराब है। तो वहीं आबिदुर्रहमान की बेटी का ऑपरेशन हुआ था । इस वजह वो मीटिंग में नहीं आ पाए थे। नालंदा लाइव को मिली जानकारी के मुताबिक, सिद्धार्थ सौरव भी आज या कल तक दिल्ली पहुंच जाएंगे.. बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता से उनका संपर्क बना हुआ है ।

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी को तोड़ने के लिए 19 में से कम से कम 13 विधायकों को टूट कराना होगा। जो अभी संभव नहीं दिख रहा है । बताया जा रहा है कि 19 विधायकों में से 12 विधायक खांटी कांग्रेसी हैं। साथ ही 7 विधायक ऐसे हैं जिनका इतिहास दल बदल का रहा है। ऐसे में कहा जा रहा है कि राजनीति में कुछ भी संभव है। अब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है । जिस वजह से कांग्रेस नेतृत्व और लालू परिवार को डर है कि मंत्री पद का लोभ देकर विधायकों को तोड़ा जा सकता है ।

बिहार में कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं। विधायकों के नाम इस प्रकार हैं- डॉ. शकील अहमद खान (कदमा सीट), अजीत शर्मा( भागलपुर सीट),मनोहर प्रसाद(मनिहारी सीट),वीरेंद्रे चौधरी (मुजफ्फरपुर सीट) संजय कुमार तिवारी( बक्सर सीट),विश्वनाथ राम( राजपुर सीट)सिद्धार्थ सौरव ( विक्रम सीट),आबिदुर रहमान( अररिया सीट),इजहारुल हुसैन ( किशनगंज सीट),अफाक आलम( कस्बा सीट) प्रतिमा दास ( राजा पाकर सीट) क्षत्रपति यादव( खगड़िया सीट),अजय कुमार सिंह ( जमालपुर सीट),मुरारी प्रसाद गौतम (चेनारी सीट),संतोष कुमार निराला ( करगहर सीट), राजेश कुमार ( कुटुंबा सीट),आनंद शंकर ( औरंगाबाद सीट),नीतू कुमारी ( हिसुआ सीट)

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