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नालंदा में आवास योजना में घोटाला, जांच रिपोर्ट में खुलासा

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नालंदा में शिक्षक भर्ती घोटाला और शौचालय घोटाले के बाद आवास योजना में घोटाले हुआ है । पुलिस की जांच रिपोर्ट में भी घोटाले की पुष्टि हुई है । जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आवास आवंटन के नाम पर पैसे हड़प लिए गए हैं । सबसे चौकाने वाली बात है जिसकी जांच 7 साल से चल रही थी कड़ाई की वजह से 9 दिन में पूरी हो गई

क्या है पूरा मामला
राजगीर के पथरौरा पंचायत में हुए आवास घोटाले में पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है । साल 2011 में सबसे पहले पूर्व मुखिया रंजीत कुमार गुड्डू ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, एफआईआर के बाद भी जांच नहीं की गयी । मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा। लेकिन फिर भी जांच आगे नहीं बढ़ी । 7 साल तक जांच कछुए की चाल से चलता रहा ।

सख्ती दिखाई तो 9 दिन में रिपोर्ट
आवास योजना घोटाले की जांच 7 साल से चल रही थी। छबिलापुर थाना जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही थी। लेकिन राजगीर बीडीओ रज्जन लाल निगम ने 11 जनवरी 2019 को पुन: जांच का पत्र छबिलापुर थाने के नाम जारी किया। निगरानी विभाग और बीडीओ के सख्त रवैये को देखते हुए छबिलापुर पुलिस हरकत में आयी और महज 9 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी।

जांच रिपोर्ट में क्या है
जांच रिपोर्ट में छबिलापुर के थानाध्यक्ष डिप्टी सिंह ने स्पष्ट किया है कि तिलैया के नरेश चौधरी को वर्ष 2003-04 तो बेदमिया देवी को 2010-11 में आवास योजना का लाभ दिया गया। जबकि, ये दोनों पति-पत्नी हैं। दुहैय-सुहैय गांव की लाछो देवी को 2009-10 में तो 3 साल बाद लक्ष्मीनिया देवी के नाम आवास योजना की राशि दी गयी। ताज्जुब यह कि दोनों ही नाम एक ही महिला के हैं। इसी गांव के उमेश चौधरी और मंती देवी को आवास दिया गया। हद तो तब हो गयी जब दुहैय-सुहैय गांव की ही प्यारी देवी को वर्ष 1999-2000 के साथ ही 2014-15 में भी राशि दी गयी।

पैसों की बंदरबांट के लिए तोड़ी सारी हदें
सरकारी राशि हड़पने में जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने सारी हदें तोड़ दी। 17 ऐसे लोगों को आवास योजना का लाभ दिया, जो लोग वहां हैं ही नहीं। कहीं गांव की बेटी नाम आवास दिया गया तो कहीं सालों पहले मर चुके लोगों के नाम योजना का लाभ देकर राशि हड़पी गयी।

किन-किन लोगों को दोबारा मिला लाभ
कहटा गांव के कोसमी देवी और श्याम चौधरी, बड़हरी गांवी की जयमंती देवी,मालो देवी,माछो देवी और जनक देवी, दुहैय-सुहैय गांव की सावित्री देवी, रामप्रीत राजवंशी, कौशल्या देवी और सविता देवी, नोनही गांव की सुनीता देवी, मंजु देवी और शांति देवी, मोहनपुर के चंद्रिका देवी, चंदौरा की श्यामसुंदरी देवी।

किनके किनके नाम पर निकाली गई फर्जी राशि
कहटा की हाजरा खातून, मालो देवी, अफजीरू जहां, चिंता देवी, मुन्नी आरा, नाजिया खातून, शकील खातून, नन्नी खातून, दुहैय-सुहैय की रेखा देवी, पथरौरा के लालमुनि, झालो देवी, उदयपुर की सकुंती देवी, मंजु देवी, सोना देवी, रमेश चौधरी और शिवन मांझी का नाम शामिल है।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कमर कस ली है । जिला प्रशासन ये रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को सौंपने की तैयारी में जुट गया है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस मामले में मुखिया, पंचायत सचिव, कनीय अभियंता के साथ ही तत्कालीन बीडीओ भी कार्रवाई की जद में आएंगे।

मुखिया ने क्या कहा
पथरौरा पंचायत के मुखिया अनुज कुमार ने का कहना है कि जांच रिपोर्ट सही है। लेकिन, आरोप ही गलत है। जिन लोगों के नाम से आवास योजना देने का आरोप लगाया गया है वही सूची गलत है। आरोपकर्ता ने जिन लोगों के नाम से योजना का लाभ देने की बात कही है, सबसे पहले उसकी जांच हो।

बीडीओ का क्या कहना है
राजगीर के प्रखंड विकास पदाधिकारी रज्जन लाल निगम का कहना है कि मामला काफी गंभीर है। 14 लोगों को दोबारा आवास योजना का लाभ दिया गया है। वहीं 17 ऐसे लोगों को इस योजना की राशि दी गयी है जो हैं ही नहीं। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी को भेज दी गयी है। अब जो आदेश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा।

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