
बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू मुखिया नीतीश कुमार की बड़ी रणनीतिक जीत हुई है. नीतीश कुमार की रणनीति की वजह से ही राज्यसभा में बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी ने अग्निपरीक्षा पास कर ली है. राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव में जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह की जीत हुई है.
हरिवंश को 20 वोटों से जिताया
राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. राज्यसभा में उनकी पार्टी और एनडीए अल्पमत में थी. कांग्रेस और विपक्ष एकजुट दिख रही थी. लोकसभा चुनाव और चार राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के लिए ये एक अग्निपरीक्षा थी। ऐसे में जेडीयू मुखिया नीतीश कुमार ने उन्हें अग्निपरीक्षा पास कराने की रणनीति बनाई
हरिवंश को दिलाया टिकट
नीतीश कुमार ने अपने विश्वासपात्र और प्रभात खबर के पूर्व संपादक हरिवंश नारायण सिंह को एनडीए का उम्मीदवार घोषित कराया. हरिवंश का नाम सामने आते ही अकाली ने सबसे पहले विरोध दर्ज किया. लेकिन नीतीश कुमार के बात करने के बाद अकाली मान गए. शिवसेना ने भी बीजेपी पर आंखे तरेरी लेकिन वो भी मान गए. अब बारी बीजेडी और दूसरों को मनाने की थी
नीतीश ने बीजे़डी और केजरीवाल से बात की
नीतीश कुमार ने हरिवंश जी के समर्थन के लिए केजरीवाल से बात की. केजरीवाल ने कहा कि वो समर्थन नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने अंदरखाने समर्थन कर दिया. केजरीवाल की आम आदमी पार्टी वोटिंग के दौरान गायब रही, जिससे विपक्ष का संख्या बल घट गया. हरिवंश के समर्थन में 125 वोट मिले जबकि कांग्रेस के बीके हरि प्रसाद को 105 वोट से ही संतोष करना पड़ा. मतलब में कांग्रेस और विपक्ष का राज्यसभा में ज्यादा सीट होने के बावजूद उनके उम्मीदवार हार गए. यानि नीतीश कुमार की कुशल रणनीतिक क्षमता की वजह से ही राज्यसभा में पीएम मोदी की नैया पार लगी और अमित शाह भी अग्नि परीक्षा जीत गए

