Home पटना ‘लेडी सिंघम’ लिपि सिंह का तबादला, बदमाशों में जश्न

‘लेडी सिंघम’ लिपि सिंह का तबादला, बदमाशों में जश्न

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बाढ़ में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर IPS अधिकारी लिपि सिंह का तबादला कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने अपराधियों के लिए काल बन चुकीं लिपि सिंह को चुनाव कार्य से अलग कर दिया है . चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद एक ओर अपराधी जश्न मना रहे हैं, तो वही, दूसरी ओर लोगों में खासी नाराजगी है. चुनाव आयोग के फैसले के बाद लिपि सिंह ने बाढ़ अनुमंडल को छोड़ दिया है .

क्या है पूरा मामला
IPS अधिकारी लिपि सिंह राज्यसभा सांसद और जेडीयू में नंबर दो की हैसियत रखने वाले आरसीपी सिंह की बेटी हैं. यही उनके तबादले की सबसे बड़ी वजह है. क्योंकि अनंत सिंह ने लिपि सिंह के खिलाफ कई बार शिकायत की थी. अनंत सिंह का आरोप था कि लिपि सिंह आरसीपी सिंह की बेटी हैं इसलिए उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है. जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनका तबादला कर दिया

लेडी सिंघम ने तोड़ी दी थी अपराधियों की कमर
आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह ने जैसे ही बाढ़ अनुमंडल की कमान संभाली . वैसे ही वो एक्शन में आ गई. कई नामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. शायद ही कोई ऐसा दिन बीता हो जिस दिन किसी न किसी अपराधी की गिरफ्तारी हुई हो. बड़े से बड़े अपराधियों को काल कोठरी का रास्ता दिखाया. लिपि सिंह की इसी एक्शन से बाहुबली अनंत सिंह सरीखे कई नेता परेशान थे. उन्हें इस बात का डर सता रहा था कि अगर उनके सभी समर्थक जेल पहुंच जाएंगे तो वे चुनाव कैसे जीतेंगी? इसी बात से परेशान होकर लिपि सिंह की शिकायत की गई

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6 महीने में 700 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार
लिपि सिंह की कार्यशैली का अंदाज आप इसी से लगा सकते हैं कि पिछले छह महीने के कार्यकाल में उन्होंने 700 से ज्यादा अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया. जिसमें 100 से ज्यादा पेशेवर अपराधी थी. यानि यों कहें कि 180 दिनों में 700 अपराधी.. मतलब, रोजाना चार अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही थी. आलम ये था कि अपराधी बाढ़ इलाके को छोड़कर दूसरी जगह पनाह ले रहे थे .

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सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों पर भी हुई थी सटीक कार्रवाई
लिपि सिंह ने सत्ताधारी दल के नेताओं पर कार्रवाई करने में भी कोई हिचक नहीं दिखाई। हाथीदह थाना क्षेत्र के बाटा मोड़ के पास वाले गंगा घाट पर एक प्रभावशाली राजनेता से जुड़े लोग बालू खनन का काम करते थे. लिपि सिंह ने छापेमारी कर ना सिर्फ खनन कार्य को बंद कराया बल्कि 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया था. लिपि सिंह के कारण रेत और खनन माफियाओं ने सर उठाने की हिम्मत तक नहीं की. घोसवरी थाना क्षेत्र के गोसाईगांव में भी सत्ताधारी दल से जुड़े होने की हनक दिखाकर अवैध बालू डंपिंग का खेल बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा था, जिसे लिपि सिंह ने बिना हिचक बंद करा दिया था.

हालांकि माना जा रहा है कि अपराधियों के लिए चार दिनों की चांदनी है. क्योंकि 26 मई के बाद लिपि सिंह की फिर बाढ़ में वापसी होगी। फिर वो काली बनकर बदमाशों और अपराधियों पर टूट पड़ेंगी।

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