कमीशनखोर इंजीनियर के घर और ऑफिस में छापा.. निगरानी विभाग को मिले..

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बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। निगरानी विभाग की टीम ने एक ऐसे ही इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की है। जिसके पास से करोड़ों की संपत्ति मिली है ।

क्या है मामला
आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में निगरानी विभाग की टीम ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मदन कुमार के खिलाफ कार्रवाई की है । निगरानी विभाग की टीम ने उनके चैंबर से लेकर घर तक छापेमारी की । जहां से लाखों कैश मिले हैं और करोड़ों की संपत्ति मिली है ।

इंजीनियर के दफ्तर में क्या मिला
निगरानी विभाग की टीम ने पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित प्रमंडलीय कार्यालय में छापेमारी की। जहां कार्यपालक इंजीनियर के चैंबर से 6 लाख 75 हजार रुपए कैश मिले हैं । माना जा रहा है कि ये रुपये उन्हें तुरंत किसी से कमीशन के तौर पर मिले थे, जिसे वह घर नहीं ले जा पाये थे.

घर पर भी छापेमारी
कार्यपालक इंजीनियर मदन कुमार के घर में भी छापेमारी हुई । वे पटना के रूपसपुर की वृंदावन कॉलोनी स्थित अपार्टमेंट में रहते हैं । जहां वो थ्री बीएचके के दो फ्लैटों को मिलाकर एक आलीशान फ्लैट बना रखा था, जिसमें वो रहते हैं.

छापेमारी में क्या-क्या मिला
छापेमारी के दौरान चार लाख कैश के अलावा करीब पांच लाख की ज्वेलरी, आधा दर्जन से ज्यादा बैंक खाते, 22 से ज्यादा प्लॉट के कागजात और बड़े स्तर पर निवेश के कागजात मिले हैं. छापेमारी की कार्रवाई पूरी होने के बाद उनकी अवैध संपत्ति का दायरा बढ़ने की पूरी संभावना है.

22 प्लॉट भी मिले
उनके पास से 22 प्लॉट के कागजात मिले हैं, उनमें अधिकतर पटना के आसपास में ही हैं और पत्नी और बेटे के नाम पर हैं. बेटा के नाम से फुलवारीशरीफ में पांच प्लॉट और नौबतपुर में भी कुछ प्लॉट मिले हैं. दानापुर की विजय विहार कॉलोनी में इंजीनियर ने स्वयं के नाम से छह प्लॉट ले रखे हैं. विक्रम में पत्नी के नाम से पांच डिसमिल जमीन मिली है.

फुलवारीशरीफ में 12 कट्ठा जमीन
फुलवारीशरीफ में ही एक अन्य स्थान पर 12 कट्ठे का प्लॉट मिला है. पटना से बाहर भी जमीन-जायदाद मिली है, जिसकी फिलहाल जांच चल रही है. इतनी चल एवं अचल संपत्ति के बाद भी दिखाने के लिए उन्होंने अपने नाम से सिर्फ एक स्विफ्ट कार ले रखी है.

2.27 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति
अब तक हुई जांच में उनके खिलाफ 2 करोड़ 27 लाख से ज्यादा का डीए केस तैयार हुआ है, जो जांच पूरी होने के बाद बढ़ेगा. आधा दर्जन से ज्यादा बैंक खातों में अब तक एक करोड़ तीन लाख रुपये जमा मिले हैं. शेयर, एफडी (फिक्स डिपॉजिट), म्यूचुअल फंड समेत अन्य माध्यमों में एक करोड़ 53 लाख से ज्यादा के निवेश के प्रमाण मिल चुके हैं

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