
सात निश्चय योजना में घोटाला करने वाले मुखिया पिंकु सिंह को हटाने की सिफारिश की गई है। ये सिफारिश पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव से की है। शेखपुरा जिला के चेवाड़ा की एकरामा पंचायत के मुखिया पिंकू सिंह पर गबन का केस दर्ज करने की भी सिफारिश की गई है। पंचायत सचिव उमाकांत पासवान के खिलाफ भी डीएम योगेंद्र सिंह ने गबन का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
शेखपुरा के डीएम योगेंद्र सिंह ने एकरामा के मुखिया पिंकु सिंह और पंचायत सचिव उमाकांत पासवान से गबन की राशि वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस चलाने का आदेश दिया। शेखपुरा के जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुषमा कुमारी के मुताबिक एकरामा में कई वार्ड सदस्यों द्वारा शिकायत की गयी थी कि मुखिया द्वारा सात निश्चय योजना में मनमानेपूर्ण तरीके से काम कराया जा रहा है। राशि की भी बंदरवाट हो रही है। शिकायत की जब जांच की गई तो मामला सत्य पाया गया। डीएम द्वारा मुखिया और पंचायत सचिव पर कार्रवाई की गई है।
जांच में पाया गया कि एकरामा पंचायत के वार्ड-छह में 20 लाख और वार्ड-सात में 35 लाख रुपए दिए गए हैं। वहीं अन्य वार्डों में सात निश्चय योजना की राशि नहीं दी गयी है। जांच में ये भी पाया गया कि मुखिया और पंचायत सचिव द्वारा कई दफा सरकारी खाते से अपने निजी खर्चे के लिए रुपये की निकासी कर ली गयी। सरकारी राशि गबन के खुलासे के बाद इस पंचायत के बैंक खाता से किसी तरह की लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।