
नालंदा लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार चरम पर है. महागठबंधन और एनडीए दोनों ने दम लगा दिया है. नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गढ़ है ऐसे में महागठबंधन यानि आरजेडी नीतीश कुमार को उनके ही गढ़ में मात देने की कोशिश में लगा है. जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने किले को सुरक्षित करने में जुटे हैं.नालंदा में मचे चुनावी घमासान के बीच लालू यादव के दोनों बेटों के बीच दूरियां मिट गई. अंतिम चरण से पहले छोटे भाई को बड़े भाई का ख्याल आ गया
चाचा को हराने के लिए मिलाया हाथ
चाचा को उनके घर में हराना है तो दोनों भाइयों ने हाथ मिला लिया. अब तक दोनों भाइयों के बीच तकरार जारी था. बड़े भाई तेजप्रताप खुद को लालू यादव का उत्तराधिकारी बता रहे थे. तो वहीं, बड़ी बहन मीसा छोटे भाई को उत्तराधिकारी करार दिया था. मानों ऐसा लग रहा था कि लोकसभा चुनाव के बीच ही दोनों भाइयों के बीच बंटवारा हो गया है.

नालंदा आने से पहले आया ज्ञान
नालंदा को ज्ञान की धरती कहा जाता है. ऐसे में कई नेता मजे लेते हुए कह रहे हैं कि ज्ञान की धरती पर आने से पहले ही दोनों भाइयों को ज्ञान आ गया । इसलिए दोनों भाइयों ने हाथ मिलाया. लोकसभा चुनाव में पहली बार दोनों भाई एक साथ चुनाव प्रचार करने पहुंचे. तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव दोनों एक ही उड़नखटोला से एकंगरसराय पहुंचे

हाथ मिला लेकिन दिल नहीं
नालंदा लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान दोनों भाई एक साथ तो दिखे. लेकिन दिल नहीं मिला. ये हम नहीं कह रहे हैं. ये तस्वीरें बोल रही है. हेलिकॉप्टर में जब दोनों भाई बैठे तो दोनों अलग बगल नहीं बैठे. दोनों के बीच में एक शख्स बैठा है. साथ ही एक सीट खाली है. ऐसी ही तस्वीरें एकंगरसराय में सभा के दौरान देखने को मिला . जब दोनों भाई एक दूसरे से विपरीत दिशा में चेहरा किए रहे

चाचा नीतीश पर बोला हमला
तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव ने महागठबंधन के उम्मीदवार अशोक आजाद के पक्ष में वोट मांगा. उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि सृजन घोटाला और मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड से बचने के लिए पलटू चाचा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है . इस मौके पर आरजेडी के प्रवक्ता और हिलसा विधायक शक्ति सिंह यादव, नालंदा युवा आरजेडी के अध्यक्ष सुनील यादव समेत कई नेता मौजूद थे. सुनील यादव ने तेजस्वी यादव को माला पहनाकर उनका स्वागत किया.