बेहद मु्श्किल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.. रोपवे पर अब भी फंसे हैं 26 लोग, 22 को बचाया गया

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रोपवे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। सेना और वायुसेना और NDRF की टीम ने लगातार मोर्चा संभाल रखा है। सुबह से दोपहर 1 बजे तक 22 लोगों को निकाला जा चुका है । लेकिन 26 जिंदगियां अब भी फंसी हुई हैं। आपको बता दें कि कल से रोपवे में 48 लोग फंसे थे । जिसमें 22 लोगों को निकाला जा चुका है

बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन
सेना को रेस्क्यू में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। दरअसल, ट्रॉलियां दो पहाड़ों के बीच फंसी हैं। नीचे खाई है। हेलिकॉप्टर को जैसे ही इनके पास ले जाया जाता है, तेज हवा की वजह से ये हिलने लगती हैं। बेहद संभलकर एयरलिफ्ट किया जा रहा है। कुछ लोगों को रस्सी के सहारे लोगों को निकाला गया।

तारों ने और उलझाया
अच्छी बात ये है कि देवघर में मौसम साफ है, लेकिन तारों का जाल होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हेलिकॉप्टर और कमांडो को अपने अभियान में दिक्कत हो रही है।हेलिकॉप्टर ने कई बार फंसे हुए लोगों के पास जाने का प्रयास किया, लेकिन तारों के जाल के कारण काफी परेशानी हुई।

अब तक 2 लोगों की मौत
सोमवार दोपहर 12 बजे दोबारा MI-17 हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू शुरू किया गया। कुल मिलाकर पिछले 21 घंटे में 22 श्रद्धालुओं का बचाया गया। अब तक दो लोगों की मौत हो गई।

सुबह में सेना ने मोर्चा संभाला
सोमवार सुबह सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह करीब साढ़े छह बजे वायु सेना का हेलिकॉप्टर पहुंचा। इसमें कमांडो भी मौजूद थे। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने से पहले हवाई सर्वे किया गया। केबिन में फंसे लोगों तक खाने का पैकेट पहुंचाने की कोशिश हुई। फिर लोगों को निकाला जा रहा है।

कब हुआ हादसा
रविवार की शाम 4 बजे हादसा तब हुआ जब पहाड़ पर बने मंदिर की तरफ एक साथ 26 ट्रॉलियां रवाना कीं। जिससे तारों पर अचानक लोड बढ़ा और रोलर टूट गया। तीन ट्रॉलियां पहाड़ से टकरा गईं। इससे दो ट्रालियां नीचे गिर गईं। इनमें सवार 12 लोग जख्मी हो गए और दो लोगों की मौत हो गई। उधर, बाकी ट्रॉलियां आपस में टकराकर रुक गईं। अभी 18 ट्रालियां फंसी हुई हैं, जिसमें अब भी 26 लोग सवार हैं। इनमें छोटे बच्चे और महिलाएं भी हैं।

खाना भी पहुंचाया गया
ट्रॉली में फंसे हुए लोगों ने पूरी रात एक-दूसरे से बातचीत करते हुए समय गुजारा। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाने का प्रयास किया। सुबह करीब 5 बजे से दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया। देर रात केबिन में फंसे लोगों तक खाने का पैकेट पहुंचाने की कोशिश हुई।

हर साल हजारों लोग जाते हैं
त्रिकुट पहाड़ पर त्रिकुटाचल महादेव मंदिर और ऋषि दयानंद की आश्रम है। यहां हर साल हजारों लोग पिकनिक मनाने और मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। इसके लिए यहां एक रोप-वे बनाया गया है। यह झारखंड का एकमात्र और बिहार झारखंड का सबसे ऊंचा रोपवे है। इस पर पहुंचने के लिए एक-एक ट्रॉली में 4-4 लोगों को बैठाकर ऊपर भेजा जाता है।

रोप-वे चलाने वाली एजेंसी होगी ब्लैक लिस्टेड
झारखंड के पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि रोप-वे का संचालन कर रही दामोदर वैली कार्पोरेशन को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। सैप कैसे टूटा, उसका मेंटेनेंस किस तरह हो रहा था, इन सब बिंदुओं की जांच कराई जाएगी। आने वाले समय में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एक वैकल्पिक सड़क बनाई जाएगी।

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