खुशखबरी: नालंदा से गुजरेगी आमस-दरभंगा फोरलेन.. जानिए किस किस गांव की जमीन का अधिग्रहण होगा

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नालंदा जिला वासियों के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि नालंदा जिला से होते हुए एक और फोरलेन गुजरेगी। ये फोरलेन गया जिला के आमस से लेकर दरभंगा के बेला नवादा तक जाएगी। इसके लिए नालंदा जिला के कई गांवों की जमीन का भी अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बारे में आपको बताएंगे। उससे पहले ये बता दें कि आमस-दरभंगा फोरलेन है क्या

आमस-दरभंगा फोरलेन
दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए ये पहला फोरलेन होगा जो नालंदा से होते हुए का गुजरेगी। इसे हाइवे को भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है । ये हाइवे गया के आमस के निकट नेशनल हाईवे 19 से एक्सप्रेस वे शुरू होगा के बाद जहानाबाद, नालंदा और पटना के कच्ची दरगाह, हाजीपुर के कल्याणपुर, समस्तीपुर के ताजपुर से होते हुए दरभंगा के बेला-नवादा के पास एनएच-27 में जाकर मिल जाएगा। इस हाइवे की लंबाई करीब 200 किलोमीटर होगी। इसे होने से उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच बेहतर सड़क सम्पर्क कायम हो जाएगा। इसके लिए 60 मीटर चौड़ाई में जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस हाइवे का निर्माण चार पैकेज में बांटकर काम किया जा रहा है।

किन-किन जिलों से गुजरेगा फोरलेन
सड़क गया के आमस से शुरू होकर मथुरापुर, गुड़ारू, पंचानपुर, बेला, इब्राहिमपुर, ओकरी, पभेरा, अबुपुर, बेरथू, कन्धौली, सलेमपुर, रामनगर, सबलपुर, चकसिकंदर, दभैच, बहुआरा, शाहपुर बधुनी (ताजपुर), शिवनंदनपुर (बूढ़ी गंडक), बासुदेवपुर, रामनगर (लहेरियासराय), बेला नवादा (दरभंगा) तक जाएगी। इस तरह गया, जहानाबाद, नालंदा, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जिलों को यह सड़क जोड़ेगी।

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किस पैकेज में कहां तक बनेगी सड़क
पहला पैकेज – आमस से शिवरामपुर का निर्माण होगा। इसकी कुल लंबाई 55 किलोमीटर है। इसपर 1,073.44 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
दूसरा पैकेज- शिवरामपुर से रामनगर तक का है। 54.30 किलोमीटर लंबे पैकेज के निर्माण पर 1,066.64 करोड़ खर्च होंगे।
तीसरा पैकेज- कल्याणपुर से पाल दशहरा तक का होगा। 45 किमी लंबे इस पैकेज को बनाने में 1,150 करोड़ खर्च होंगे।
चौथा पैकेज- पाल दशहरा से बेला-नवादा (दरभंगा) सड़क का निर्माण होगा। 44.10 किलोमीटर लंबे इस पैकेज के निर्माण पर 1,534.07 करोड़ खर्च होंगे। इस सड़क के बीच में कच्ची दरगाह से बिदुपुर छह लेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है।

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नालंदा में कहां कहां जमीन का अधिग्रहण
उत्तर से दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले सूबे का पहला आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे नालंदा से होकर गुजरने वाला है। इसका निर्माण केंद्रीय एजेंसी NHAI (National Highway Authority Of India) करेगी। यह सड़क पूरी तरह ग्रीनफील्ड के रूप में विकसित होगा। इसके लिए कराय परसुराय प्रखंड के चार मौजों अबुपुर, बेरथू, कन्धौली व सलेमपुर की 15.7959 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए NHAI (नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया) ने जिले को 12 करोड़ एक लाख 67 हजार 357 रुपये उपलब्ध कराये हैं। इसे NH 119-D नाम दिया गया है। सड़क निर्माण का काम वर्ष 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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किस गांव में कितना अधिग्रहण होगा
इसके लिए करायपरसुराय के सलेमपुर की 4.9864 हेक्टेयर, कन्धौली की 2.9535, अबुपुर की 4.1357 तो बेरथू की 3.8191 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। आमस-दरभंगा सड़क के 101.840 किलोमटर से 104.700 किलोमीटर का हिस्सा नालंदा से गुजरेगा।

दो साल में पूरे होंगे काम:
चारों पैकेज के निर्माण कार्यों को दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। वर्ष 2023 में छह लेन वाले पुल के निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस तरह आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे को वर्ष 2024 तक चालू कर लिया जाएगा।

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