नालंदा-नवादा और गया के लिए जलउद्धव योजना.. योजना बनाने वालों से सीएम नीतीश नाराज

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नालंदा-नवादा और गया में गंगा जल पहुंचाने के लिए गंगा जलउद्धव योजना बनाई गई है. ताकि यहां के लोगों को सालों भर पानी मिल सके. लेकिन योजना बनाने वालों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खासे नाराज हैं. सीएम नीतीश कुमार ने योजना बनाने वाले अफसरों की जमकर फटकार लगाई.

सालों भर मिलेगा पानी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गया और बोधगया ऐतिहासिक भूमि है। गया में जल संकट दुर्भाग्यपूर्ण है। हमलोग शुरू से चाह रहे थे कि गंगा नदी का पानी गया तक पहुंचा दें ताकि जल संकट न हो। बाद में देखा कि राजगीर तक में जहां इतना कुंड है पानी की कमी हो गई। कुंड सूखने लगे। इसके चलते तय किया कि पानी राजगीर को भी पहुंचाया जाए और बीच में नवादा पड़ता है तो उसे भी पानी मिलेगा।

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योजना बनाने वालों से सीएम नाराज
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान में गंगा जलउद्भव योजना बनाई। इस योजना पर काम शुरू हो गया है। पता नहीं कैसे लोग जल संसाधन विभाग में योजना बनाने के लिए बैठे हैं। मैंने कहा था कि मोकामा के पास से पानी जाएगा। शुरू में ये लोग पटना कह रहे थे। मैंने कहा कि पटना से पानी नहीं जाएगा। इसके बाद इनलोगों ने बख्तियारपुर के बगल में जगह खोज लिया। बाद में जब इनलोगों ने पूरा आकलन किया तब पता चला कि जहां (मोकामा के पास) हम बताए थे वहीं से पानी ले जाना पड़ेगा।

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पता नहीं कैसे रूट की प्लानिंग की थी
सीएम नीतीश ने कहा कि जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने पानी ले जाने के लिए पता नहीं कैसा रूट बनाने की प्लानिंग कर ली थी। मैंने चीफ सेक्रेटरी और जल संसाधन विभाग के लोगों को लेकर एरियल सर्वे कराया तब पता चला कि रूट गलत है। पता नहीं योजना बनती है तो कौन लोग क्या करते रहते हैं? हमें इनलोगों को ले जाकर फिर एरियल सर्वे कर बताना पड़ा कि पानी ले जाने के लिए यह रूट फॉलो करिए तब काम हो पाएगा।

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स्टोर किया जाएगा पानी
सीएम नीतीश ने कहा कि मोकामा से हमलोग पूरे साल पानी राजगीर, गया और बोधगया नहीं ले जाएंगे। पानी को वहां स्टोर किया जाएगा। बरसात के चार माह में हमलोग गंगा नदी से पानी ले जाएंगे और उसे स्टोर कर रखेंगे। वही पानी गया, नवादा और नालंदा जिले में साल भर इस्तेमाल होगा।

पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगा पानी
इस वाटर प्रोजेक्ट के लिए सड़क के किनारे किनारे पाइप लाइन बिछाई जाएगी. कुल 190 किलोमीटर लंबी बिछाई जाने वाली पाइप लाइन हाथीदह से सरमेरा, बरबीघा और गिरियक तक पहुंचाई जाएगी. इसके अतिरिक्त ड्रिंकिंग वाटर के लिए 90 MCM तक के स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही टाउन वाइज़ सलेक्टेड स्टोरेज टैंक भी बनाए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा.

गंगा जलापूर्ति योजना पर एक नजर
– पहले फेज में मरांची गांव के निकट गंगा जल को उद्वह कर मराची-सरमेरा-बरबीघा-गिरियक, गरियक-राजगीर, गिरियक-वानगंगा-तपोवन-जेठियन-बिकैयपुर-दशरथ मांझी पास, वजीरगंज-गया के रास्ते पाइप लाइन के माध्यम से गया, बोधगया और राजगीर के लिए पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
– राजगीर के घोड़ाकटोरा झील और पंचाने नदी के बीच बांध का निर्माण, घोड़ाकटोरा झील मोहरा प्रखंड के तेतर पंचायत में बिकैयपुर गांव के पास पहाड़ी के नजदीक बांध का निर्माण तथा गया के मानपुर स्थित अबगिल्ला पहाड़ी में जलाशय का निर्माण कर जल भंडारण किया जाएगा।

दूसरे चरण में गया, बोधगया, राजगीर शहरों के अलावा नवादा के लिए भी 2051 तक के पीने के पानी की आपूर्ति की जाएगी। दूसरे चरण की योजना को मार्च 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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