बिहार के 4 लाख 50 हजार सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी.. नीतीश सरकार ने दिया तोहफा

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बिहार के 4 लाख 50 हजार सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है । नीतीश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके आश्रितों को बड़ा तोहफा दिया है। जिससे सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार को बड़ी राहत मिलेगी साथ ही अब उन्हें बीमारी में लाखों रुपए नहीं करने होंगे । ये पैसे अब बिहार सरकार देगी । सरकार ने 23 रोगों के इलाज पर खर्च की गई राशि की रिम्बर्समेंट करने का फैसला लिया है।

इलाज का खर्च सरकार देगी
बिहार सरकार अब अपने कर्मचारियों के 23 बीमारियों के इलाज का खर्च उठाएगी । इसके इलाज में खर्च की गई राशि की प्रतिपूर्ति यानि वापस लौटाई जाएगी । ये सुविधा 15 रोगों के लिए थी। जिसे अब बढ़ाकर 23 कर दिया गया है ।

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किन नई 8 बीमारियों को शामिल किया गया
बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों के जिन 8 नई बीमारियों का खर्च उठाने का फैसला किया है उसमें रुमेटी गठिया, क्रोहन रोग, अतिगलग्रन्थिता, लाइकेन प्लानस, मस्तिष्क पक्षाघात, पार्किंसन रोग और पेल्विक इन्फ्लामेट्री रोग शामिल हैं। हालांकि इसके लिए सरकारी कर्मियों को इलाज के लिए विभागीय स्तर से ही मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही इलाज पर खर्च की गयी राशि की प्रतिपूर्ति की जा सकेगी।

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पहले के 15 रोग कौन कौन
इससे पहले बिहार सरकार टीबी, कैंसर, कुष्ठ, हृदय की शल्य क्रिया के बाद की चिकित्सा पर व्यय, गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद की चिकित्सा पर व्यय, लिवर प्रत्यारोपण के बाद की चिकित्सा पर व्यय को बहिर्वासी रोगों की सूची में शामिल किया गया। इस इसके कुछ दिनों के बाद पेटाइटिस-सी, हेपेटाइटिस- बी, लिवर सिरोसिस, हीमोफीलिया, प्लास्टिक एनीमिया, एड्स, कालाजार, लकवा और डायलिसिस को शामिल किया गया।

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आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को बीमारी के इलाज के क्रम में होने वाले खर्च का रिम्बर्समेंट करने का प्रावधान 2 जून 2006 को किया गया था. लेकिन दो महीने बाद 14 अगस्त 2006 को रिम्बर्समेंट के लिए बहिर्वासी रोगों में नौ और रोग शामिल किए गए.

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