नालंदा में एक थानेदार पर गिरी गाज.. SP ने थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया.. जानिए क्यों?

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नालंदा के पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाथ एस एक्शन में हैं। कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वे जीरो टॉलरेंस पर काम कर रहे हैं और काम में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ तुरंत एक्शन ले रहे हैं । इसी के तहत नालंदा जिला में एक थानेदार पर कार्रवाई हुई है। एसपी हरि प्रसाथ एस ने इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया है ।

गिरियक के थानाध्यक्ष पर गिरी गाज
गिरियक थाना के थानाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह पर गाज गिरी है। नालंदा के एसपी ने थानेदार नीरज कुमार सिंह को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही विभागीय कार्रवाई का भी आदेश दिया है ।

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क्यों सस्पेंड हुए इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह
गिरियक के थानाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह को अनुशासनहीनता, मनमानेपन, गैरजिम्मेदाराना रवैये की वजह से सस्पेंड किया गया है । ये कार्रवाई राजगीर डीएसपी की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है । दरअसल, 23 जून नालंदा के एसपी हरिप्रसाथ ने गिरियक थाना का औचक निरीक्षण किया था। जिसमें कई गड़बड़ियां मिली थी। जिसके बाद उन्होंने डीएसपी से जांच कर रिपोर्ट की मांग की थी।

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डीएसपी की रिपोर्ट में क्या है
राजगीर के डीएसपी की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 2 जून से 23 जून 2021 तक के दस्तावेजों पर विधि-व्यवस्था प्रभारी दशरथ ओझा के हस्ताक्षर अंकित हैं। जबकि 22 और 23 जून को थाना के दैनिकी में थानाध्यक्ष का हस्ताक्षर नहीं होने का उल्लेख किया था। इसके बाद थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी। स्पष्टीकरण से अधिकारी संतुष्ट नहीं थे।

बिना छुट्टी एप्रूव हुए छुट्टी पर गए थे
गिरियक थाना के थानाध्यक्ष का मनमानापन या गैरजिम्मेदाराना रवैया का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि 10 जुलाई को उन्होंने एसपी कार्यालय में छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। लेकिन बिना छुट्टी स्वीकृत हुए और एसपी के लिखित या मौखिक आदेश के बिना ही वे छुट्टी पर चले गये और इसकी सूचना भी नहीं दी। जिसके बाद एसपी ने उन्हें निलंबित करने की अनुसंशा की थी। अनुसंशा के बाद उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता पर सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया है । साथ ही विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

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