बिहार सरकार की बड़ी कार्रवाई, 2 IPS,4 DSP, 3 CO समेत 18 अधिकारी सस्पेंड.. जानिए पूरा मामला

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बिहार सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है । बिहार सरकार ने दो IPS अफसर और चार DSP समेत 18 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है । ये कार्रवाई अवैध बालू खनन के मामले में की गई है ।

किन-किन IPS अफसर गिरी गाज
अवैध बालू खनन के मामले में बिहार सरकार ने दो आईपीएस अफसरों को निलंबित कर दिया है । जिन दो आईपीएस अपसरों को सस्पेंड किया गया है उसमें सुधीर कुमार पोरिका और राकेश दुबे शामिल है । इन अधिकारियों पर अवैध खनन, भंडारण और परिवहन में अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, इसमें शामिल लोगों को मदद पहुंचाने के साथ खुद इसमें संलिप्त रहने का गंभीर आरोप है।

आपको बता दें कि सुधीर कुमार पोरिका औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी थे और राकेश दुबे भोजपुर के पुलिस कप्तान थे। अवैध बालू खनन के आरोप लगने के बाद इन्हें पुलिस मुख्यालय में अटैच किया गया था। निलंबिन के साथ ही इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में सुधीर कुमार पोरिका और राकेश कुमार दूबे का मुख्यालय रेंज आईजी, पटना के कार्यालय में निर्धारित किया गया है।

4 DSP भी नपे
दो आईपीएस अधिकारियों के अलावा 4 डीएसपी भी नपे हैं । जिसमें डेहरी ऑन सोन के तत्कालीन एसडीपीओ संजय कुमार,भोजपुर के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार राउत, औरंगाबाद सदर के तत्कालीन एसडीपीओ अनूप कुमार और पालीगंज के एसडीपीओ रहे तनवीर अहमद को भी निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी चलेगी।

SDO और MVI पर भी गाज
अवैध बालू खनन के मामले में डेहरी ऑन सोन के तत्कालीन एसडीओ सुनील कुमार सिंह पर भी गाज गिरा है । एसडीओ सुनील कुमार सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है । वहीं, भोजपुर के तत्कालीन एमवीआई विनोद कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

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तीन अंचलाधिकारी सस्पेंड
तीन अंचलाधिकारियों को भी निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए अंचलाधिकारियों में भोजपुर के कोईलवर के तत्कालीन अंचलाधिकारी अनुज कुमार, पटना के पालीगंज के अंचलाधिकारी रहे राकेश कुमार और औरंगाबाद के बारूण के तत्कालीन अंचलाधिकारी बसंत राय शामिल हैं।

खनन के पांच अफसर निलंबित
इतना ही नहीं खान एवं भूतत्व विभाग ने पांच अपसरों को सस्पेंड कर दिया है । इनमें एक सहायक निदेशक और चार खनन विकास पदाधिकारी शामिल हैं। जिन लोगों को सस्पेंड किया गया है उसमें सहायक निदेशक संजय कुमार, खनिज विकास पदाधिकारी प्रमोद कुमार, सुरेंद्र सिन्हा, राजेश कुशवाहा और मुकेश कुमार शामिल हैं। इनके अलावा खनन निरीक्षक मधुसूदन चतुर्वेदी और रंजीत कुमार की सेवाएं सहकारिता विभाग को लौटाई गई हैं। उनके निलंबन की भी संस्तुति की गई है।

विधानसभा में उठा मुद्दा
दरसअल, अवैध बालू खनन का मामला मंगलवार को बिहार विधानसभा में उठा। जिसे लेकर खूब हंगामा हुआ। विधानसभा में हंगामे के बाद सरकार ने कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है

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