PM मोदी ने भजनलाल शर्मा को क्यों बनाया राजस्थान का CM.. मोदी का ‘मिशन 134’ …

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छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर लोगों को सरप्राइज दिया है। भजनलाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है । अब सवाल ये उठता कि ये भजनलाल शर्मा हैं कौन.. जिन पर पीएम मोदी ने अपना भरोसा जताया है.. वसुंधरा, शेखावत, मेघवाल,सीपी जोशी जैसे तमाम नामों को दरकरार क्यों किया गया है ? आखिर भजनलाल की क्या खूबी है जो पीएम मोदी की पहली पसंद बन गई । आपको इन सभी बातों का जवाब दूंगा.. आपको ये भी बताऊंगा कि भजनलाल को सीएम बनाने के पीछे पीएम मोदी का क्या प्लान है ?

मोदी ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाया तो मध्यप्रदेश में ओबीसी समाज के यादव को सीएम बनाकर बीजेपी के ओबीसी विरोधी होने की मान्यता को खत्म किया और अब राजाओं के प्रदेश राजस्थान की बागडोर ब्राह्मण को देकर.. ब्राह्मण वोटरों की नाराजगी को भी दूर कर दिया.. ये तो सिर्फ एक पहलू है.. अब मोदी की बड़ी प्लानिंग या इनसाइड स्टोरी बताऊं.. उससे पहले भजनलाल शर्मा कौन हैं उसके बारे में जान लीजिए

भजन लाल शर्मा जयपुर के सांगानेर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने हैं । वे राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं. चार बार वे प्रदेश महामंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं. सांगानेर सीट से मौजूदा विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटकर भजन लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया था। जहां से वे 48 हजार से ज्यादा वोटों चुनाव जीते थे । अगर उनकी पढ़ाई लिखाई की बात करें तो वे राजस्थान यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रैजुएट हैं. उन्होंने यहां से 1993 में पॉलिटिक्स में एम.ए की डिग्री हासिल की है. वे संघ और संगठन दोनों के आदमी है । अब बात आती है कि उन्हें वसुंधरा शेखावत,मेघवाल जैसे बड़े नामों के सामने तब्वजो क्यों दी गई तो. इसे समझने के लिए मोदी जी के उस बयान को समझिए जो चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कही थी अब गहलोत सरकार कभी सीएम नहीं बनेंगे। मतलब मोदी राजस्थान से उस रिवाज को खत्म करना चाहते हैं कि जिससे हर पांच साल में सत्ता बदलती है। अगर पीएम मोदी वसुंधरा या दूसरे किसी नाम को सीएम बनाते तो अगले साल ये रिवाज फेल जो जाता.. क्योंकि ये नेता पुराने हो जाते और उनके चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता था.. ऐसे में एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी. जो अगली बार राजस्थान के रिवाज को बदल दे. और भजनलाल शर्मा मोदी की इस कसौटी पर फिट बैठते हैं ।

दूसरी वजह ये है कि मोदी का मिशन 134 को पक्का करना चाहते हैं.. ये मिशन 134 क्या है वो समझिए.. उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश और राजस्थान मिलाकर लोकसभा की 134 सीटें हैं। यूपी में अकेले 80 सीट है.. बीजेपी ने इस बार यूपी में लोकसभा की सभी 80 सीटें जीतने का टारगेट रखा है । इसके लिए पीएम मोदी को जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को बैलेंस करना है.. यूपी में योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता तो है ही.. साथ ही यादव जाति का वोट भी हासिल करना था और ब्राह्मणों की नाराजगी भी दूर करनी है । इसलिए मोदी ने मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री यादव समाज के मोहन यादव को बनाया जिनका ससुराल यूपी में है । उनकी पत्नी सीमा यादव सुल्तानपुर की रहने वाली हैं । मतलब यादव वोटरों को अपनी ओर करने के लिए तो मोदी ने पहले ही फैसला ले लिया था। अब बारी ब्राह्मण वोटरों और ब्रज की सीटों पर कब्जे की थी। यूपी के ब्राह्मण वोटरों में योगी आदित्यनाथ के वर्किंग स्टाइल से थोड़ी नाराजगी थी.. इसलिए राजस्थान का सीएम ब्राह्मण को बना दिया। जो ब्रज के इलाके भरतपुर के रहने वाले हैं । यानि मोदी ने यूपी की 80 सीट, मध्यप्रदेश की 29 सीट और राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर घेरांबदी करके अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं ।

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