लोगों ने सिपाही को पहले बनाया बंधक, फिर जमकर पीटा.. पुलिस ने जेल भेजा

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कहा जाता है कि जब पब्लिक अपने पर उतर आती है तो बड़े बड़ों को होश में ला देती है । ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है । जहां भीड़ ने तो पहले सिपाही को बंधक बनाया । फिर जमकर धुनाई की। जो भी आया सभी ने सिपाही पर हाथ साफ किया। इतना ही नहीं जो पुलिस बचाने आए थे वो भी मामला जानकर उसे जेल भेज दिया। आरोपी सिपाही नालंदा जिला का रहने वाला है।

क्या है मामला
मामला हाजीपुर के महुआ थाना के जिड़वारा मरीचा का है। हुआ यूं कि एक सिपाही बाइक से पातेपुर की ओर से आ रहा था। इस दौरान आरोपी पुलिसकर्मी की बाइक से एक युवक टकरा गया। जिसके बाद पुलिसकर्मी बाइक सहित गिर पड़ा। इस बीच लोगों की भीड़ जुट गई।

शराब से भरा था सिपाही का बैग
सिपाही का बैग शराब की बोतल से भरा था। बाइक से नीचे गिरने के बाद शराब की कई बोतल टूट गई। जिससे शराब की बदबू आने लगी। जिसके बाद लोगों ने बैग को खोला तो लोगों की आंखें फटी रह गई।

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शराब देखने के साथ लोग उग्र हो गए
जैसे ही लोगों ने पुलिसवाले का बैग शराब से भरा देखा। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा । लोगों ने पहले तो पुलिसवाले को बंधक बनाया फिर धुनाई शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि वर्दी वाले खुद शराब के धंधे में लिप्त हैं और पुलिस निर्दोषों को फंसाती है।

छुट्टी पर घर जा रहा था सिपाही
दरअसल, आरोपी सिपाही का नाम सूरज कुमार है । वो नालंदा जिला का रहने वाला है। सिपाही पातेपुर थाने में बीएमपी जवान के रुप में पदास्थापित था। बताया जा रहा है कि वो 5 दिनों की छुट्टी लेकर बाइक से ही अपने घर नालंदा जा रहा था। इसी दौरान जिड़वारा मरीचा के पास उसकी बाइक से एक युवक टकरा गया। शराब से भरे बैग का खुलासा हुआ।

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आरोपी पुलिस वाले को भेजा गया जेल
बीएमपी जवान सूरज कुमार के बैग से 750 एमएल की 15 बोतल शराब पकड़ी गई। जबकि शराब से भरी 5 बोतलें फूट गई थी। आरोपी जवान का कहना है कि उसके बाइक पर कोई दूसरा व्यक्ति बैग के साथ बैठा था। जो घटना के बाद भाग गया। हालांकि पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा विपक्ष के निशाने पर रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद वो बिहार को नशा मुक्त बनाने में जुटे हैं। इसके लिए कड़े कानून तक बनाया गया है । पुलिस वालों को शराब से दूर रहने की कसमें खिलाई जाती है । लेकिन ऐसा वाक्या सामने आने के बाद तो यही लगता है कि जब रक्षक ही भक्षक होगा तो बिहार में पूर्ण शराबबंदी संभव नहीं है। क्योंकि सरकारी तंत्र और पुलिसिया तंत्र ही भ्रष्ट हो चुकी है । अब इसकी सर्जरी की जरूरत है ।

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