Home नॅशनल न्यूज़ बिहार NDA ने आधी आबादी से किया मजाक, महज 3 महिलाओं को दिया टिकट

बिहार NDA ने आधी आबादी से किया मजाक, महज 3 महिलाओं को दिया टिकट

प्रधानमंत्री मोदी बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की बात करतें हैं । तो वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। लेकिन जब असल में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने की बात आई तो प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों पीछे हट गए। हालात ये है कि बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं लेकिन महिलाओं को टिकट देने में तीनों पार्टियों ने कंजूसी दिखाई है। 40 में से 39 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया गया है। केवल एक सीट खगड़िया पर अभी प्रत्याशी का फैसला नहीं हुआ है. 39 में से सिर्फ तीन सीट पर महिला उम्मीदवार उतारे गए हैं ।

महिला आरक्षण का क्या हुआ
संसद में महिला आरक्षण की बात करने वाली दोनों बड़ी पार्टियों ने आधी आबादी के साथ नाइंसाफी की है। बिहार की जनसंख्या में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं को लोकसभा चुनाव में मात्र सात प्रतिशत भागीदारी मिली है. ऐसे में किस तरह महिलाओं को राजनीति में भागीदारी मिलेगी ये सवाल लाजिमी है. भाजपा जो लगातार महिला सशक्तीकरण की बात कर रही है उसकी सूची में मात्र एक महिला प्रत्याशी शिवहर से रमा देवी हैं, वहीं जदयू कोटे से भी मात्र एक महिला कविता सिंह को सीवान से प्रत्याशी बनाया गया है. लोजपा ने भी वैशाली से वीणा देवी को उम्मीदवार बनाया है. रमा देवी सीटिंग सांसद हैं, जबकि कविता सिंह दरौदा विधायक हैं. वे बाहुबली अजय सिंह की पत्नी हैं. वैशाली से वीणा देवी को टिकट दिया गया है वे विधान पार्षद दिनेश सिंह की पत्नी हैं.

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नालंदा लाइव (Nalanda Live) के सवाल
अब सवाल ये उठता है कि प्रधानमंत्री मोदी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते हैं लेकिन जब बेटियों की असली भागीदारी की बात आती है तो वे फिसड्डी साबित होते हैं। क्या बिहार में ऐसी महिलाओं की कमी है जो संसद का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती है? सवाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी है जिन्होंने देश में पहली बार पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की थी। जिसके बाद कई और राज्यों में पंचायती राज चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देना पड़ा। लेकिन आज वही नीतीश कुमार महज एक फीसदी से कम सीट महिला उम्मीदवार को दिए हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि कैसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। आपको यहां बता दें कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एलान किया है कि उनकी पार्टी लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी सीटें महिला उम्मीदवारों को देगी।

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बिहार से अब तक महिला सांसद
1952 सुषमा सेन (भागलपुर), तारकेश्वरी सिन्हा (पटना पूर्व)
1957 सत्यभामा देवी (नवादा), शकुंतला देवी (बांका), तारकेश्वरी सिन्हा (बाढ़)
1962 सत्यभामा देवी (जहानाबाद), शकुंतला देवी (बांका), रामदुलारी सिन्हा (पटना), तारकेश्वरी सिन्हा (बाढ़)
1967 तारकेश्वरी सिन्हा (बाढ़)
1971 काेई नहीं (झारखंड क्षेत्र काे हटा दिया गया है)
1977 काेई नहीं
1980 कृष्णा शाही (बेेगूसराय), माधुरी सिंह (पूर्णिया), किशाेरी सिन्हा (वैशाली), रामदुलारी सिन्हा (शिवहर)
1984 मनाेरमा सिंह (बांका), चंद्रभानु देवी (बलिया), प्रभावती देवी (माेतिहारी), कृष्णा शाही (बेगूसराय), माधुरी सिंह (पूर्णिया), किशाेरी सिन्हा (वैशाली), रामदुलारी सिन्हा (शिवहर)
1989 उषा सिन्हा (वैशाली)
1991 लवली आनंद (वैशाली), गिरिजा देवी (महाराजगंज), कृष्णा शाही (बेगूसराय)
1996 भागवती देवी (गया), कांति सिंह (विक्रमगंज)
1998 रमा देवी (मोतिहारी), मालती देवी (नवादा)
1999 कांति सिंह (विक्रमगंज), रेणु कुमारी सिंह (खगड़िया), श्यामा सिंह (औरंगाबाद)
2004 मीरा कुमार (सासाराम), रंजीत रंजन (सहरसा) कांति सिंह (आरा), मीना सिंह (विक्रमगंज)

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